केंद्रीय सुरक्षा छोड़ जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने उठाया चौंकाने वाला कदम!
श्री दमदमा साहिब तख्त के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने हाल ही में केंद्र सरकार को एक पत्र भेजकर Z श्रेणी की सुरक्षा वापस लेने की मांग की थी। आज केंद्रीय सरकार ने उनकी इस मांग पर समुचित कार्रवाई करते हुए उनकी Z श्रेणी की सुरक्षा को हटा लिया है। ज्ञानी हरप्रीत सिंह द्वारा भेजे गए पत्र को केंद्र सरकार ने स्वीकार कर लिया है। अब उनकी सुरक्षा केवल पंजाब पुलिस के जवानों द्वारा सुनिश्चित की जाएगी, जबकि पहले इस सुरक्षा में केंद्रीय सुरक्षा बल के जवान तैनात थे। ज्ञानी हरप्रीत सिंह की सुरक्षा में पहले करीब 20 सुरक्षाकर्मी तैनात थे, जिन्हें अब घटाकर केवल पंजाब पुलिस की टीम में तब्दील कर दिया गया है।
ज्ञानी हरप्रीत सिंह को केंद्र सरकार द्वारा लगभग दो साल पहले Z श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की गई थी। हालांकि, उस समय भी उन्होंने इस सुरक्षा का विरोध किया था। ज्ञानी हरप्रीत सिंह के मना करने के बावजूद, केंद्र सरकार ने उनके लिए छह सुरक्षा कर्मियों की तैनाती सुनिश्चित की थी। उन्होंने बताया था कि वह श्री अकाल तख्त साहिब के लिए दी गई इस सम्मान के लिए धन्यवाद करते हैं, लेकिन यह स्पष्ट नहीं था कि इस सुरक्षा के पीछे इंटेलिजेंस के पास क्या जानकारी है।
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सुरक्षा का स्तर घटाने का निर्णय लिया था। लगभग दो साल पहले, उन्होंने VIP सुरक्षा को कम करने का कार्य शुरू किया और इसके चलते ज्ञानी हरप्रीत सिंह की सुरक्षा में भी कटौती की गई थी। इस निर्णय के बाद ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने अपनी सभी सुरक्षा वापस लेने की घोषणा की थी, जिसके बाद सिख समुदाय में इस मुद्दे को लेकर विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए थे। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) ने भी इस कटौती के खिलाफ अपनी आवाज उठाई थी।
SGPC ने ज्ञानी हरप्रीत सिंह की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए अपनी टास्क फोर्स में से 10 सुरक्षाकर्मियों को उनकी सुरक्षा में लगा दिया था। इस पहल का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि जत्थेदार की सुरक्षा में किसी प्रकार की कमी न आए और वे बिना किसी भय के अपने धार्मिक कार्यों को कर सकें। इस मामले में सिख समुदाय की चिंताओं को ध्यान में रखते हुए, SGPC ने सक्रियता दिखाई और ज्ञानी हरप्रीत सिंह की सुरक्षा सुनिश्चित की।
इस मामले में ज्ञानी हरप्रीत सिंह की स्पष्टता और स्पष्ट प्रतिक्रिया उनकी अपनी सुरक्षा के प्रति संवेदनशीलता का परिचायक है। ऐसी स्थिति में, यह देखना दिलचस्प होगा कि इस परिवर्तन से उनका धार्मिक कार्य और समाज पर क्या प्रभाव पड़ता है। हालात को देखते हुए, ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया है कि वे अपने विचारों और सिद्धांतों के प्रति कितने प्रतिबद्ध हैं।









