चुनाव की तैयारी: EC ने वोटर सूचियों संशोधन की घोषणा, 25 नवंबर तक उठाएँ एतराज!

भारत के पंजाब राज्य में, सुप्रीम कोर्ट के हालिया निर्देशों के अनुपालन में, पंजाब निर्वाचन आयोग ने 5 नगर निगमों और 43 नगर परिषदों व नगर पंचायतों के चुनाव की प्रक्रिया आरंभ कर दी है। यह चुनाव सीधी लोकतांत्रिक प्रक्रिया में मतदाताओं की भूमिका को सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण होते हैं। निर्वाचन आयोग ने आज यानी 13 नवंबर को इस संदर्भ में एक कार्यक्रम भी जारी किया है, जिसमें चरणबद्ध तरीके से काम करने की योजना बनाई गई है।

राज कमल चौधरी, राज्य निर्वाचन आयुक्त ने बताया कि मतदाता पंजीकरण की प्रक्रिया में बदलाव किया जाएगा, जिसका पहला चरण 14 नवंबर को मतदाता सूचियों के प्रकाशन के साथ शुरू होगा। इसके बाद, 18 से 25 नवंबर तक नागरिक अपने दावे और आपत्तियां दर्ज करा सकेंगे। इन सभी कार्यों को समय सीमा के भीतर पूरा किया जाएगा, एवं सभी दावों और आपत्तियों का निपटारा 3 दिसंबर तक किया जाएगा। अंततः, मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 7 दिसंबर को किया जाएगा, जिससे मतदाता अपना वोट डालने के लिए तैयार रह सकते हैं।

निर्वाचन आयोग ने सभी डिप्टी कमिश्नर-कम-जिला चुनाव अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे मौजूदा मतदाता सूचियों को 14 नवंबर को संबंधित नगर पालिका में भी प्रकाशित करें। इस कार्यक्रम के तहत, कोई भी योग्य नागरिक फॉर्म नंबर 10000/- के माध्यम से पंजीकरण के लिए आवेदन कर सकता है। इसके अलावा, फार्म 7 (नाम जोड़ने के लिए), फार्म 8 (नाम जोड़ने पर आपत्ति के लिए) और फार्म 9 (प्रविष्टि में विवरण पर आपत्ति के लिए) मूल रूप से पंजाब नगर निगम चुनाव नियम, 1994 के अनुसार निर्धारित किए गए हैं। इच्छुक नागरिक इन फॉर्म को निर्वाचन आयोग की वेबसाइट (https://sec.punjab.gov.in) से आसानी से डाउनलोड कर सकते हैं।

आवेदक को मतदान के अधिकार से लाभ उठाने के लिए सुनिश्चित करना होगा कि उसकी आयु 18 वर्ष हो चुकी हो और वह उस क्षेत्र का सामान्य निवासी हो, जहां वह मतदान करने का इच्छुक है। इसके साथ ही, आम जनता की सुविधा के लिए, उपायुक्तों को निर्देश दिए गए हैं कि वे 20 और 21 नवंबर को संबंधित नगर पालिकाओं में दावे और आपत्तियां प्रस्तुत करने के लिए एक विशेष अभियान का आयोजन करें। इससे नागरिक अपने मतदाता पंजीकरण से जुड़ी समस्याओं को सहजता से हल कर सकेंगे।

अंत में, निर्वाचन आयोग ने यह सुनिश्चित किया है कि मतदाता प्रारूप रोल का अंतिम प्रकाशन 7 दिसंबर को किया जाएगा, जिससे चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित हो सके। यह सभी कदम राज्य में मजबूत लोकतंत्र की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होंगे।