भोपालः कमिश्नर ने किया प्राधिकरण के विभिन्न कार्यों का निरीक्षण, शीघ्र पूर्ण करने के दिए निर्देश
भोपाल, 01 अगस्त । मध्य प्रदेश के भोपाल संभागायुक्त कर्मवीर शर्मा ने शनिवार को भोपाल विकास प्राधिकरण द्वारा कराए जा रहे विभिन्न विकास कार्यों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निर्देश दिए कि प्राधिकरण विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत चल रहे विकास कार्यों को शीघ्र पूर्ण करे, जिससे जनता को योजनाओं का समय पर लाभ दिलाना सुनिश्चित किया जा सके।
इस अवसर पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्याम वीर सिंह एवं अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे। संभागायुक्त कर्मवीर शर्मा ने आई.एस. बी.टी. योजना, भैरवपुर योजना, स्वामी विवेकानंद योजना, विद्या नगर फेज 2, कटारा हिल्स, मिसरोद बराई मास्टर प्लान आदि योजनाओं का निरीक्षण किया एवं आवश्यक दिशा निर्देश दिए।
प्राधिकरण जनता को विभिन्न योजनाओं का पूरा लाभ दिलाए
निरीक्षण के बाद संभाग आयुक्त कर्मवीर शर्मा ने प्राधिकरण सभागार में भोपाल विकास प्राधिकरण में चल रही योजनाओं के संबंध में समीक्षा बैठक ली। इस दौरान उन्होंने निर्देश दिए हैँ कि जनता को प्राधिकरण की विभिन्न योजनाओं का पूरा-पूरा लाभ दिलाना सुनिश्चित करें। भोपाल विकास प्राधिकरण विकास कार्यों तेजी लाए. प्राधिकरण की सभी विक्रय योग्य संपत्तियों का विशेष आवासीय मेला आयोजित कर बिक्री सुनिश्चित की जाए। बैठक में अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए।
संभागायुक्त द्वारा नशीले पदार्थ बेचने वालों के विरूद्ध कार्यवाही, दो अभियुक्तों को 6-6 माह का कारावास
वहीं, संभागायुक्त कर्मवीर शर्मा ने नशीले पदार्थ बेचने वालों के विरूद्ध कार्यवाही के तहत विदिशा और भोपाल जिले के 1-1 अभियुक्त को 6-6 माह के लिए केंद्रीय जेल, इंदौर में निरुद्ध रखे जाने के आदेश प्रसारित किये हैँ। साथ ही संबंधित अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया है कि नशीले पदार्थ विक्रय करने वालों के विरूद्ध कार्यवाही प्रस्तावित की जाए।
संभागायुक्त कर्मवीर शर्मा ने शनिवार को जिला दंडाधिकारी, विदिशा एवं पुलिस अधीक्षक, विदिशा से अनावेदक दीपक रघुवंशी आ. रामसिंह रघुवंशी, उम्र 35 साल, निवासी गंजबासौदा, जिला विदिशा एवं पुलिस आयुक्त, नगरीय पुलिस, भोपाल से अनावेदक शैलू उर्फ शैलेष कंवर, उम्र 35 साल, आ. लल्लाजसंह निवासी बागसेवनिया, भोपाल, मध्य प्रदेश के विरूद्ध मादक औषधि और मादक पदार्थ अवैध व्यापार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 3 (1) के अंतर्गत निरोध किये जाने के प्रस्ताव प्राप्त होने पर दोनों अभियुक्तों को 6-6 माह के लिए केंद्रीय जेल, इंदौर में निरुद्ध रखे जाने का आदेश प्रसारित किया है।









