पंजाब मंत्री का विस्फोटक आरोप: 500 करोड़ के नशे के साथ कांग्रेस नेता गिरफ्तार, पाक कनेक्शन!
चंडीगढ़ में आज आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और कैबिनेट मंत्री तरुणप्रीत सिंह ने एक महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता का आयोजन किया। इस दौरान उन्होंने पंजाब में नशे की समस्या के समाधान पर गंभीर चर्चा की और कांग्रेस तथा बीजेपी पर तेजतर्रार आलोचना की। यह प्रेस वार्ता चंडीगढ़ के सेक्टर-39 में आयोजित की गई, जिसमें मार्कफेड के चेयरमैन अमनदीप सिंह मोहित भी उपस्थित थे। तरुणप्रीत ने नशे के खिलाफ राजनेताओं और उनकी भूमिका पर बहस करते हुए कई अहम मुद्दे उठाए।
प्रेस वार्ता की शुरुआत करते हुए मंत्री तरुणप्रीत सिंह ने दैनिक भास्कर में प्रकाशित 105 किलो हेरोइन की बरामदगी की खबर को सबके सामने रखा। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में कांग्रेस के नेता शामिल हैं। उनके अनुसार, इस वार्ता के जरिए यह स्पष्ट होता है कि नशा तस्करी में कांग्रेस पार्टी का गहरा हस्तक्षेप है। उन्होंने कहा कि अमृतसर के बाबा बकाला क्षेत्र में कांग्रेस के सर्किल प्रधान नवजोत सिंह लहौरिया की गिरफ्तारी इस तथ्य को प्रमाणित करती है। पंजाब पुलिस की काउंटर इंटेलिजेंस टीम द्वारा की गई छापेमारी में हेरोइन के साथ-साथ अन्य मादक पदार्थ और हथियार भी बरामद किए गए थे।
तरुणप्रीत के अनुसार, इतनी बड़ी मात्रा में नशीले पदार्थों का पाए जाना और वह भी कांग्रेस से जुड़े व्यक्ति के पास, गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह मामला तब और भी गहरा हो जाता है जब यह पता चला कि यह मादक पदार्थ पाकिस्तान से आए थे। उनके अनुसार, इन नशे की सामग्री की बाजार मूल्य लगभग 500 करोड़ रुपए है, जो एक चिंताजनक पहलू है।
बीजेपी पर अपनी टिप्पणी करते हुए, कैबिनेट मंत्री ने फिरोजपुर देहात की पूर्व विधायक सत्कार कौर के मामले को उठाया, जिन्हें नशा तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। उनके निष्कासन को लेकर बीजेपी की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि यह दर्शाता है कि पार्टी अपनी जिम्मेदारियों से भाग रही है। उन्होंने बीजेपी की नीतियों और कार्यशैली पर भी कटाक्ष करते हुए कहा कि सत्ता में रहते हुए यदि उनके नेता इस प्रकार के अपराध में संलग्न हैं, तो उन्हें क्या संदेश जाता है।
यह प्रेस वार्ता न केवल स्थानीय मीडिया बल्कि पंजाब की जनता के लिए भी एक महत्वपूर्ण संदेश लेकर आई है। तरुणप्रीत सिंह ने स्पष्ट रूप से अपनी बात रखी कि नशे की रोकथाम के लिए सभी पक्षों को एकजुट होकर कार्य करने की आवश्यकता है, और इसमें राजनीतिक लाभ की बजाय समाजहित को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उनके द्वारा उठाए गए सवाल न केवल मौजूदा परिस्थितियों के प्रति सचेत करते हैं, बल्कि राजनीतिक दलों के दायित्व के प्रति भी एक नई दृष्टि प्रस्तुत करते हैं।










