पिता की जमीन बेचने से परेशान व्यक्ति ने जहरीला पदार्थ निगला, बठिंडा में मौत!
पंजाब के अबोहर से एक दुखद घटना सामने आई है, जहां एक युवक ने कीटनाशक दवा का सेवन कर लिया। इस घटना के बारे में जानकारी मिली है कि युवक की लगभग दस दिन पहले कीटनाशक पीने के बाद आज सुबह बठिंडा के अस्पताल में इलाज के दौरान मृत्यु हो गई। बताया जा रहा है कि युवक महेश, जो दो बच्चों का पिता था, अपने परिवार के आर्थिक संकट के चलते मानसिक परेशानी में था। उसके पिता ने शराब पीने की आदत के कारण अपनी सारी जमीन बेच दी थी, जिससे महेश अत्यंत अवसादित हो गया था।
महेश की पत्नी रजनी ने थाना पुलिस को दिए बयान में बताया कि उनका परिवार काफी समय से अबोहर में रह रहा था और महेश मजदूरी करके परिवार का पेट पालता था। रजनी ने बताया कि उनके ससुर, जो उत्तर प्रदेश में रहते थे, शराब पीने के आदी थे। उन्होंने पिछले कुछ माह में अपनी संपत्ति बेच दी थी, जिसे लेकर महेश ने गहरा मानसिक आघात अनुभव किया था। हाल ही में महेश के पिता की भी मृत्यु हो गई, जिससे उसकी मानसिक स्थिति और खराब हो गई।
महेश ने अपने पिता के देहांत और परिवार के आर्थिक संकट के कारण लगभग दस दिन पहले किसी जहरीली वस्तु का सेवन किया। उसके परिजन तुरंत उसे सिविल अस्पताल लेकर गए, जहां से उसकी गंभीर स्थिति के चलते उसे बठिंडा के अस्पताल रेफर कर दिया गया। आज सुबह महेश की अस्पताल में मृत्यु हो गई, जिसने उसके परिवार के अंदर शोक की लहर पैदा कर दी।
मृतक के शव को अबोहर के सरकारी अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवा दिया गया है। पुलिस ने रजनी के बयान के आधार पर बीएनएस की धारा 194 के तहत कार्रवाई करते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है। यह घटना उस सामाजिक मानसिकता को भी उजागर करती है, जहां आर्थिक तंगी और पारिवारिक दबाव के चलते व्यक्ति अवसाद का शिकार हो जाता है।
अभी तक की जांच से यह स्पष्ट है कि आर्थिक परेशानियों और पारिवारिक समस्याओं का मानसिक स्वास्थ्य पर गहरा असर होता है। ऐसे में समाज को चाहिए कि वह ऐसे मामलों में जागरूकता फैलाए और प्रभावित व्यक्तियों के लिए सहायता का संचालन करे, ताकि भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं से बचा जा सके। महेश के मामले ने हमें यह विचार करने पर मजबूर किया है कि हमें अपने आसपास के लोगों की भावनात्मक स्थिति को समझना चाहिए और उन्हें समय पर मदद प्रदान करनी चाहिए।









