jh-hc-strict-maintaining-cctv

रांची में सीसीटीवी की स्थिति पर हाई कोर्ट सख्त, गृह सचिव और डीजीपी को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से हाजिर होने का निर्देश

रांची, 06 अक्टूबर । रांची की डोरंडा थाना पुलिस द्वारा बच्चे को कथित तौर पर अवैध हिरासत में लिए जाने के मामले में फिरोज अंसारी एवं अन्य की ओर से दायर हेबियस कॉरपस याचिका पर मंगलवार को झारखंड उच्च न्यायालय में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान डोरंडा थाना प्रभारी अदालत में सशरीर उपस्थित हुए, लेकिन न्यायालय के आदेश के बावजूद वह घटना से संबंधित सीसीटीवी फुटेज प्रस्तुत नहीं कर सके।

मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने रांची शहर में सीसीटीवी कैमरों के काम करने लायक (फंक्शनल) होने की स्थिति पर सवाल उठाया। न्यायालय ने कहा कि रांची शहर की सड़कों और प्रमुख चौक-चौराहों पर सीसीटीवी कैमरों का चालू रहना जरूरी है। न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद की अध्यक्षता वाली खंडपीठ में मामले की सुनवाई हुई।

अदालत ने रांची शहर में सीसीटीवी व्यवस्था को दुरुस्त रखने के मामले में गृह सचिव और पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को 12 अक्टूबर को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत में उपस्थित होने का निर्देश दिया है।

न्यायालय ने प्रार्थी को पुलिस की ओर से बच्चे को रिमांड पर भेजे जाने के आदेश को याचिका के माध्यम से चुनौती देने की छूट भी दी है।

अदालत ने कहा कि पूर्व में रांची के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया था कि शहर के थानों में लगे सीसीटीवी कैमरे दुरुस्त हैं या नहीं। हालांकि, इस संबंध में अब तक अदालत को कोई स्टेटस रिपोर्ट नहीं मिली है।———