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छात्रों में पुस्तक पढ़ने की आदत डालना जरूरी : बीडीओ

स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग की ओर से विद्यार्थियों में पुस्तक पढ़ने की आदत विकसित करने के उद्देश्य से गुरुवार से झारखंड पठन-पाठन अभियान-2026 शुरू किया गया है। राज्य परियोजना निदेशक की ओर से 15 अगस्त को शुरू किए गए इस अभियान के तहत ‘मेरे शब्द, मेरी कहानी’ नाम से प्रचार अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में कर्रा प्रखंड में प्रखंड स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम में स्वयंसेवी संस्था प्रतिज्ञा के सचिव चंदन कुमार ने अभियान के उद्देश्य और महत्व की जानकारी दी। प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी मनमोहन साहू ने बताया कि नई शिक्षा नीति-2020 के निपुण भारत मिशन के तहत बच्चों में पठन-पाठन की आदत और साक्षरता कौशल विकसित करने के लिए अभियान शुरू किया गया है। उन्होंने कहा कि बच्चों में बढ़ती मोबाइल की आदत को कम करने और पुस्तकों के प्रति रुचि बढ़ाने में यह अभियान महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। अभियान 19 सितंबर तक संचालित होगा।

जिला परिषद उपाध्यक्ष मंजू देवी, लोधमा पंचायत की मुखिया मंजुला उरांव, बीडीओ स्मिता नगेशिया और बीईईओ विद्या लक्ष्मी ने संयुक्त रूप से प्रचार वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। मौके पर बीडीओ ने कहानी की पुस्तक पढ़कर बच्चों को सुनाई। उन्होंने कहा कि पुस्तक पढ़ने की आदत से वर्तनी की शुद्धता और भाषा ज्ञान बेहतर होता है। बच्चों को प्रतिदिन पुस्तक पढ़ने की आदत डालनी चाहिए।

जिला परिषद उपाध्यक्ष ने बताया कि प्रचार वाहन सभी विद्यालयों में जाकर बच्चों को पुस्तक पढ़ने के लिए प्रेरित करेगा। विद्यालयों में रीडिंग कॉर्नर बनाकर कहानी की पुस्तकों और ‘पंख’ पत्रिका का नियमित अध्ययन कराया जाएगा। मुखिया मंजुला उरांव ने बच्चों से प्रतिदिन कम से कम एक घंटा पुस्तक पढ़ने की आदत डालने की अपील की।

कार्यक्रम में बीआरपी, सीआरपी, समावेशी शिक्षा के साधनसेवी सहित लेखापाल पवन कुमार कश्यप और रीना कुमारी उपस्थित थे।