जमशेदपुर में फुटपाथों से अतिक्रमण हटाने की मांग तेज, पैदल यात्रियों की सुरक्षा को बताया मौलिक अधिकार
पूर्वी सिंहभूम, 05 सितंबर । फुटपाथ पर सुरक्षित आवागमन को आम लोगों का मौलिक अधिकार बताते हुए जमशेदपुर में सड़कों के किनारे किए गए अतिक्रमण को हटाने की मांग तेज हो गई है। शनिवार को अधिवक्ता सुधीर कुमार पप्पू ने उच्चतम न्यायालय के हालिया फैसले का हवाला देते हुए कहा कि शहर के कई इलाकों में फुटपाथों पर दुकानों, ठेलों और अन्य अवैध कब्जों के कारण पैदल यात्रियों को सड़क पर चलने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। इससे दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है।
अधिवक्ता ने कहा कि जहां सड़कें बनाई जाती हैं, वहां नगर निकायों, शहरी विकास प्राधिकरणों, नगरपालिकाओं और पंचायतों का दायित्व है कि पैदल यात्रियों के लिए उचित फुटपाथ का निर्माण कराएं और उसकी देखरेख तथा सुरक्षा सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि सड़कों पर वाहनों के आवागमन की सुविधा से पहले पैदल यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
उन्होंने बताया कि जमशेदपुर के कई प्रमुख मार्गों पर फुटपाथ अतिक्रमण की चपेट में हैं। दुकानों, ठेलों और अन्य निर्माण के कारण पैदल यात्रियों के लिए फुटपाथ का इस्तेमाल करना मुश्किल हो गया है। इसका सबसे अधिक खामियाजा बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को भुगतना पड़ रहा है, जिन्हें मजबूरी में वाहनों के बीच सड़क पर चलना पड़ता है।
सुधीर कुमार पप्पू ने उपायुक्त, जिला प्रशासन और टाटा स्टील प्रबंधन से शहर के फुटपाथों का निरीक्षण कराने तथा अतिक्रमण हटाकर पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित रास्ता उपलब्ध कराने की मांग की है।
उन्होंने कहा कि फुटपाथों को अतिक्रमण मुक्त कराना केवल यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने का विषय नहीं है, बल्कि यह नागरिकों के मौलिक अधिकारों और उनकी सुरक्षा से भी जुड़ा हुआ है।———–









