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पशुपालन योजनाओं से स्वरोजगार की राह आसान

रुद्रप्रयाग, 21 अगस्त । पशुपालन विभाग की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से रुद्रप्रयाग जिले में महिलाओं, पशुपालकों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। विभाग के अनुसार गत वित्तीय वर्ष में महिला बकरी पालन योजना के तहत 20 महिलाओं, राज्य सेक्टर बकरी पालन योजना में 84 तथा एसईपी योजना के तहत 31 महिलाओं को लाभान्वित किया गया।

मुख्य पशुचिकित्सा अधिकारी आशीष रावत ने बताया कि महिला बकरी पालन योजना में गरीब, निराश्रित, विधवा एवं तलाकशुदा महिलाओं को 35 हजार रुपये की लागत की यूनिट उपलब्ध कराई जाती है। इसमें तीन बकरियां और एक बकरा शामिल है। वहीं राज्य सेक्टर योजना में 10 बकरियां और एक बकरा देने के साथ सहकारी संस्थाओं के माध्यम से 30 हजार रुपये का ऋण भी उपलब्ध कराया जाता है।

उन्होंने बताया कि अनुसूचित जाति की महिलाओं के लिए गो पालन योजना के तहत गत वर्ष 21 लाभार्थियों का चयन किया गया। भेड़ पालन योजना में 25 लाभार्थियों को 10 भेड़ और एक भेड़ा उपलब्ध कराया गया। सामान्य वर्ग के लिए गो पालन योजना में एक गाय की यूनिट स्थापित करने के लिए 40 हजार रुपये की सहायता दी जाती है।

विभाग की बॉयलर पालन योजना के तहत गत वर्ष 25 लाभार्थियों को 60 हजार रुपये का अनुदान दिया गया। इसके अलावा ग्राम्य गो सेवक योजना के तहत ग्रामीणों को पांच आवारा नंदियों के पालन-पोषण के लिए प्रतिमाह 12 हजार रुपये दिए जा रहे हैं।

जिलाधिकारी विशाल मिश्रा के मार्गदर्शन में संचालित इन योजनाओं से ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका के अवसर बढ़ने के साथ महिलाओं और पशुपालकों को आत्मनिर्भर बनाने में मदद मिल रही है।

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