भोपाल में कांग्रेस का नगर निगम मुख्यालय पर प्रदर्शन, मास्टर प्लान लागू करने और व्यापारियों को राहत देने की मांग
भोपाल, 06 अगस्त । मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के मास्टर प्लान और आवासीय क्षेत्रों में व्यावसायिक गतिविधियों को लेकर जारी विवाद के बीच गुरुवार को कांग्रेस ने लिंक रोड नंबर-2 स्थित नगर निगम मुख्यालय का घेराव कर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए नगर निगम का पुतला दहन किया तथा सरकार से शीघ्र मास्टर प्लान लागू करने और व्यापारियों को राहत देने की मांग की।
प्रदर्शन का नेतृत्व पूर्व मंत्री पी.सी. शर्मा ने किया। उन्होंने कहा कि भोपाल पिछले करीब 25 वर्षों से बिना मास्टर प्लान के संचालित हो रहा है, जिसका खामियाजा आम नागरिकों और व्यापारियों को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार समय पर मास्टर प्लान लागू नहीं कर सकी, जबकि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में इसका प्रारूप अंतिम चरण में पहुंच चुका था। उन्होंने मांग की कि व्यापारियों को तत्काल राहत देने के लिए शहर में मिक्स लैंड यूज व्यवस्था लागू की जाए।
कांग्रेस पार्षद योगेंद्र सिंह ‘गुड्डू’ चौहान ने सवाल उठाया कि यदि अरेरा कॉलोनी, 10 नंबर, बावड़ियाकलां सहित शहर के अन्य आवासीय क्षेत्रों में व्यावसायिक गतिविधियां नियमों के अनुरूप नहीं हैं, तो नगर निगम वर्षों से संबंधित प्रतिष्ठानों से कमर्शियल टैक्स किस आधार पर वसूलता रहा। उन्होंने मांग की कि यदि वसूली नियमों के अनुरूप नहीं थी तो संबंधित व्यापारियों को राशि वापस की जाए।
कांग्रेस नेता शोएब खान ने आरोप लगाया कि आवासीय भवनों के व्यावसायिक उपयोग और अवैध निर्माण से जुड़े मामले में नगर निगम अदालत में प्रभावी ढंग से अपना पक्ष रखने में विफल रहा, जिससे व्यापारियों की मुश्किलें बढ़ी हैं।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद बढ़ा विवाद
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि आवासीय भवनों के व्यावसायिक उपयोग और अवैध निर्माण से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को सुनवाई के दौरान राज्य सरकार द्वारा गठित 10 सदस्यीय जांच समिति की कार्रवाई पर रोक लगा दी। साथ ही इस मामले में हाईकोर्ट द्वारा दिए गए राहत आदेश भी निरस्त कर दिए गए। सर्वोच्च न्यायालय ने स्पष्ट किया कि उसके निर्देशों के समानांतर किसी अन्य प्रक्रिया या जांच के माध्यम से हस्तक्षेप स्वीकार नहीं किया जाएगा।
सुनवाई के दौरान नगर निगम की ओर से अदालत को बताया गया कि अवैध निर्माण और भूमि उपयोग के उल्लंघन के मामलों में कार्रवाई के प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन विभिन्न स्तरों पर बाधाएं सामने आ रही हैं। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कानून के प्रभावी पालन पर जोर देते हुए निर्धारित प्रक्रिया के तहत कार्रवाई जारी रखने के निर्देश दिए।
कार्रवाई तेज होने के संकेत
सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद राजधानी में आवासीय भूखंडों पर संचालित व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के खिलाफ नगर निगम की कार्रवाई तेज होने की संभावना जताई जा रही है। इसी क्रम में नगर निगम ने आगे की कार्रवाई के लिए तैयारी शुरू कर दी है। दूसरी ओर, कांग्रेस ने सरकार से शीघ्र मास्टर प्लान लागू करने और प्रभावित व्यापारियों के हितों की रक्षा के लिए स्पष्ट नीति बनाने की मांग दोहराई है।









