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दमोह के हिनौता में अंतिम संस्कार के दौरान पुलिस पर पथराव, एसडीएम और टीआई समेत कई घायल

दमोह, 25 सितंबर । मध्य प्रदेश के दमोह जिले में एक व्यक्ति की मौत के बाद अंतिम संस्कार के दौरान शुक्रवार को स्थिति तनावपूर्ण हो गई। हिंडोरिया थाना क्षेत्र के ग्राम हिनौता-हलगज में अंतिम संस्कार की प्रक्रिया के बीच पुलिस और प्रशासनिक अमले पर ग्रामीणों ने पथराव कर दिया। घटना में दमोह एसडीएम सौरभ गंधर्व, पथरिया थाना प्रभारी महेंद्र जगेत समेत कुछ पुलिसकर्मियों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। एसडीएम को प्राथमिक उपचार के बाद दमोह लाया गया, जहां उनका उपचार किया जा रहा है।

घटनाक्रम की शुरुआत 24 सितंबर की रात ग्राम हिनौता में पुलिस की जुआ फड़ पर कार्रवाई के बाद हुई। पुलिस कार्रवाई के दौरान मौके पर मौजूद लोगों में भगदड़ मच गई थी। इसी दौरान शिव सिंह लोधी के गिरकर बेहोश होने की जानकारी सामने आई। पुलिस उन्हें तत्काल हिंडोरिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंची, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

शिव सिंह लोधी की मौत की जानकारी मिलने के बाद उनके परिजन और ग्रामीण सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंच गए। उन्होंने घटना को लेकर विरोध जताते हुए पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए। वहीं पुलिस की ओर से बताया गया कि जुआ फड़ पर कार्रवाई के दौरान मची भगदड़ में शिव सिंह लोधी के गिरने की स्थिति सामने आई थी। मौत की वास्तविक वजह को लेकर स्थिति फिलहाल स्पष्ट नहीं है। पुलिस और प्रशासन के अनुसार पोस्टमार्टम रिपोर्ट तथा जांच के बाद ही मृत्यु के कारणों की स्थिति साफ हो सकेगी।

घटना की जानकारी मिलने के बाद मृतक के परिजनों और ग्रामीणों के साथ जिला कांग्रेस अध्यक्ष सहित कुछ कांग्रेस नेता भी मौके पर पहुंचे। नेताओं के पहुंचने के बाद मामला और संवेदनशील हो गया। इस दौरान मामले को राजनीतिक रंग दिए जाने के आरोप भी सामने आए, हालांकि संबंधित नेताओं की ओर से इस संबंध में विस्तृत पक्ष तथा पुलिस-प्रशासन का आधिकारिक बयान अभी सामने नहीं आया है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए मृतक के शव का सागर मेडिकल कॉलेज में चिकित्सकों के पैनल से पोस्टमार्टम कराया गया। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद 25 सितंबर को शव को वापस ग्राम हिनौता लाया गया। शव गांव पहुंचने की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में परिजन और ग्रामीण एकत्रित हो गए।

अंतिम संस्कार की प्रक्रिया शुरू होने के दौरान अचानक माहौल बिगड़ गया। इसी दौरान पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की ओर पथराव शुरू हो गया। अचानक हुए पथराव में एसडीएम सौरभ गंधर्व घायल हो गए। उन्हें पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर उपचार के लिए दमोह लाया गया। पथराव में पथरिया थाना प्रभारी महेंद्र जगेत सहित कुछ पुलिसकर्मियों के भी घायल होने की सूचना है। घटना के बाद पुलिस बल ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया।

पुलिस और प्रशासनिक अमले ने ग्रामीणों को समझाइश देकर स्थिति शांत कराने का प्रयास किया। काफी मशक्कत के बाद मौके पर स्थिति को नियंत्रित किया गया। तनाव को देखते हुए क्षेत्र में पुलिस बल की मौजूदगी बढ़ा दी गई है।

घटनाक्रम को लेकर वरिष्ठ पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी नजर बनाए हुए हैं। सूत्रों के अनुसार पूरे मामले के सभी पहलुओं की जानकारी जुटाई जा रही है। यदि जांच में किसी स्तर पर लापरवाही या जिम्मेदारी सामने आती है तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के संबंध में आगे निर्णय लिया जा सकता है। हालांकि किसी वरिष्ठ अधिकारी के खिलाफ संभावित कार्रवाई की फिलहाल आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

पूरे घटनाक्रम में 24 सितंबर की रात हुई जुआ फड़ पर पुलिस कार्रवाई, उसके दौरान हुई भगदड़, शिव सिंह लोधी की मौत, परिजनों और ग्रामीणों के विरोध, पोस्टमार्टम तथा 25 सितंबर को अंतिम संस्कार के दौरान हुए पथराव को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मृतक की मौत का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के निष्कर्षों के बाद ही स्पष्ट होगा। वहीं पुलिस पर पथराव करने वालों की पहचान और घटना में उनकी भूमिका को लेकर भी पुलिस जांच कर रही है।

फिलहाल घटना को लेकर पुलिस की ओर से विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। प्रशासन की ओर से भी जांच के बाद ही पूरे घटनाक्रम और जिम्मेदारी को लेकर स्थिति स्पष्ट किए जाने की संभावना है।