सूरजपुर : सिलाई और स्वरोजगार से ऋतु देवांगन बनीं आत्मनिर्भर
सूरजपुर, 22 जुलाई । ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत स्वयं सहायता समूह महिलाओं के जीवन में बदलाव की नई मिसाल बन रहे हैं। जिले के ग्राम छतरंग की ऋतु देवांगन की सफलता की कहानी भी इसी बदलाव को बयां करती है। समूह से जुड़ने के बाद उन्होंने सिलाई और अन्य स्वरोजगार गतिविधियों के जरिए अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत की है।
ऋतु देवांगन ने बुधवार को बताया कि समूह से जुड़ने से पहले परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर थी। घर चलाने के लिए मजदूरी करनी पड़ती थी और रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना भी मुश्किल था। वर्ष 2015 में सामुदायिक संसाधन व्यक्तियों (सीआरपी) से जानकारी मिलने के बाद उन्होंने माँ कुदरगढ़ी स्वयं सहायता समूह की सदस्यता ली।
समूह से रिवॉल्विंग फंड के तहत 3 हजार रुपये का ऋण मिलने पर उन्होंने सिलाई मशीन खरीदी और सिलाई का काम शुरू किया। बाद में सीआईएफ के माध्यम से 25 हजार रुपये का ऋण लेकर ईंट निर्माण का कार्य शुरू किया, जिससे उन्हें करीब 30 हजार रुपये का लाभ हुआ।
इसके बाद बैंक से 1 लाख रुपये का ऋण लेकर उन्होंने एक वाहन खरीदा। वर्तमान में वाहन से हर महीने करीब 10 हजार रुपये की आय हो रही है। सिलाई और अन्य स्वरोजगार गतिविधियों को मिलाकर अब उनकी मासिक आय 15 से 17 हजार रुपये तक पहुंच गई है।
ऋतु देवांगन के अनुसार, उनके उद्यम में कुल 1.70 लाख रुपये की लागत आई, जबकि अब तक 2.10 लाख रुपये का लाभ मिल चुका है। उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूह ने उन्हें सिर्फ आर्थिक सहयोग ही नहीं, बल्कि आत्मविश्वास और सम्मान के साथ आत्मनिर्भर बनने का अवसर भी दिया।









