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जेपीएससी-जेएसएससी भर्ती अनियमितताओं के विरोध में एबीवीपी का प्रदर्शन, सीबीआई जांच की मांग

रांची, 28 जुलाई । अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् (एबीवीपी) रांची महानगर के नेतृत्व में मंगलवार को झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की भर्ती प्रक्रियाओं में कथित अनियमितताओं एवं भर्ती घोटालों के विरोध में जेपीएससी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन,जेपीएससी और जेएसएससी का प्रतीकात्मक पुतला दहन किया तथा भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने की मांग उठाई।

प्रदर्शन में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं और एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि झारखंड के लाखों युवा वर्षों से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं, लेकिन बार-बार भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं, प्रश्नपत्र लीक की घटनाओं, चयन प्रक्रिया पर उठ रहे सवालों और परीक्षाओं में हो रही देरी के कारण अभ्यर्थियों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। उनका कहना था कि इन परिस्थितियों से युवाओं का भर्ती संस्थाओं पर विश्वास लगातार कमजोर होता जा रहा है।

एबीवीपी ने मांग की कि जेपीएससी और जेएसएससी से संबंधित सभी विवादित भर्ती परीक्षाओं की निष्पक्ष एवं समयबद्ध सीबीआई जांच कराई जाए, ताकि यदि किसी स्तर पर अनियमितता हुई है तो उसकी सच्चाई सामने आ सके और दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। परिषद् ने कहा कि युवाओं के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।

प्रदर्शन को संबोधित करते हुए परिषद् के पदाधिकारियों ने कहा कि भर्ती संस्थाओं की कार्यप्रणाली में व्यापक सुधार की आवश्यकता है। उन्होंने परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी बनाने, उत्तर कुंजी एवं उत्तरपुस्तिकाओं के प्रकाशन की व्यवस्था को अधिक प्रभावी करने, निर्धारित समय-सीमा के भीतर परीक्षा परिणाम घोषित करने तथा भर्ती प्रक्रिया में आधुनिक तकनीक और सुदृढ़ निगरानी तंत्र लागू करने की मांग की। उनका कहना था कि इससे भविष्य में किसी भी प्रकार की अनियमितता की संभावना को काफी हद तक समाप्त किया जा सकेगा।

एबीवीपी ने राज्य सरकार से युवाओं के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और विश्वास बहाल करने के लिए ठोस कदम उठाने की अपील की। परिषद् ने कहा कि रोजगार की प्रतीक्षा कर रहे लाखों अभ्यर्थियों को निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध भर्ती प्रक्रिया उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है।

परिषद् ने चेतावनी दी कि यदि भर्ती घोटालों की निष्पक्ष जांच, दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और भर्ती व्यवस्था में आवश्यक सुधारों को लेकर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् राज्यभर में चरणबद्ध आंदोलन शुरू करेगी। परिषद् ने कहा कि ऐसी स्थिति में उत्पन्न होने वाली परिस्थितियों की पूरी जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी।

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