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बिहार के भोजपुर में भरत तिवारी का पुलिस एनकाउंटर मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा

नई दिल्ली, 22 जून । बिहार के भोजपुर में भरत तिवारी के कथित पुलिस एनकाउंटर का मामला उच्चतम न्यायालय पहुंच गया है। सोमवार को यह मामला जस्टिस बीवी नागरत्ना की अध्यक्षता वाली वेकेशन बेंच के समक्ष मेंशन करके उच्चतम न्यायालय के पूर्व जज की अध्यक्षता में स्वतंत्र जांच कराये जाने की मांग की गई। उसके बाद कोर्ट ने रजिस्ट्रार के समक्ष मेंशन करने को कहा।

यह याचिका वकील विशाल तिवारी ने दायर करके भरत तिवारी एनकाउंटर की सीबीआई (केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो) जांच की भी मांग की गई है। याचिका में कहा गया है कि एक लोकतांत्रिक समाज में पुलिस को सजा देने का अधिकार नहीं दिया जा सकता है। सजा देने का अधिकार केवल न्यायपालिका को है। याचिका में कहा गया है कि बिहार में भरत तिवारी के कथित एनकाउंटर से पुलिस के कामकाज और उसकी शैली पर सवाल उठने शुरु हो गए हैं। याचिका में कहा गया है कि पिछले कुछ वर्षों में एनकाउंटर की घटनाएं बढ़ी हैं। ऐसा होना कानून के शासन के लिए एक बड़ी चुनौती है। याचिका में उच्चतम न्यायालय के 2014 के फैसले का जिक्र किया गया है जिसमें पुलिस एनकाउंटर की जांच के लिए दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। याचिका में मांग की गई है कि सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को उच्चतम न्यायालय के इन दिशा-निर्देशों को लागू करने का आदेश देने की मांग की गई है।

बिहार के भोजपुर जिले के बिलौटी निवासी भरत तिवारी की 17 जून को कथित रुप से पुलिस एनकाउंटर में मौत हो गई। भरत तिवारी के परिवार के मुताबिक उसने सरेंडर कर दिया था। उसके बावजूद उसका एनकाउंटर किया गया।