सीबीआई जांच में सूटेबल पाए गए कॉलेजों की परीक्षाओं को हाईकोर्ट ने दी हरी झंडी
जबलपुर, 19 जून । लॉ स्टूडेंट्स एसोसिएशन की बहुतचर्चित जनहित याचिका मामले में आज शुक्रवार को हाईकोर्ट के जस्टिस आनंद पाठक एवं जस्टिस बीपी शर्मा की डिवीजन बेंच ने सुनवाई की। नर्सिंग काउंसिल की ओर से हाईकोर्ट ने नर्सिंग कॉलेजों के लंबित परीक्षाएं कराने और परीक्षा परिणाम घोषित करने की अनुमति मांगी थी, वही याचिकाकर्ता ने मामले में सीबीआई जांच में अनस्टेबल पाये गए कॉलेजों की परीक्षाओं पर आपत्ति ली ।
दोनों पक्षों की बहस के उपरांत हाईकोर्ट ने मध्य प्रदेश नर्सिंग रजिस्ट्रेशन काउंसिल को शैक्षणिक सत्र 2022-23 के जीएनएम प्रथम वर्ष के परीक्षा परिणाम घोषित करने की अनुमति दे दी है। इसके अतिरिक्त, काउंसिल को शैक्षणिक सत्र 2021-22 के लगभग 9 हजार छात्रों के लिए जीएनएम तृतीय वर्ष की परीक्षा आयोजित करने की भी स्वीकृति प्रदान की गई है।
हाईकोर्ट ने यह राहत सिर्फ सीबीआई जांच के दायरे में आए कुल 695 नर्सिंग कॉलेजों में से सूटेबल पाए गए 156 कॉलेज सहित, अपनी कमियों को दूर कर सूटेबल का दर्जा पाने वाले 89 कॉलेजों को दी है ।
हाईकोर्ट ने इन उपयुक्त और कमियां दूर करने वाले कॉलेजों के लिए परीक्षा प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की अनुमति दे दी है। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि शेष बचे हुए अन्य कॉलेजों से संबंधित परीक्षाओं के आयोजन पर फिलहाल रोक रहेगी। इस निर्णय से जहां एक ओर हजारों योग्य छात्रों को बड़ी राहत मिली है, वहीं दूसरी ओर मानकों को पूरा न करने वाले संस्थानों पर न्यायालय का कड़ा रुख बरकरार है।
मामले में पैरवी हेतु एडवोकेट आलोक वागरेचा एवं याचिकाकर्ता विशाल बघेल स्वयं उपस्थित थे दूसरी ओर शासन की ओर से उप महाधिवक्ता अभिजीत अवस्थी ने पैरवी की।









