आरएएस पिंकी मीणा के निलंबन आदेश पर रोक
जयपुर, 21 मई । राजस्थान हाईकोर्ट ने दिल्ली मुंबई एक्सप्रेसवे निर्माण कंपनी के प्रतिनिधि से दस लाख रुपए की डिमांड से जुड़े मामले में बांदीकुई की तत्कालीन एसडीओ पिंकी मीणा को निलंबन करने वाले 15 जनवरी 2021 के आदेश पर रोक लगा दी है। इसके साथ ही अदालत ने याचिका सह आरोपी पुष्कर मित्तल की याचिका के साथ सूचीबद्ध करने को कहा है। जस्टिस सुदेश बंसल की एकलपीठ ने यह आदेश पिंकी मीणा की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए।
अदालत ने अपने आदेश में कहा कि याचिकाकर्ता का मामला सह आरोपी पुष्कर मित्तल से अलग नहीं है और उसके निलंबन आदेश पर गत 17 जुलाई को रोक लगाई जा चुकी है। इसके अलावा रिव्यू कमेटी की गत 16 दिसंबर की बैठक के विवरण में याचिकाकर्ता का निलंबन रद्द नहीं करने का कारण नहीं बताया गया है। ऐसे में समानता बनाए रखने के लिए याचिकाकर्ता के निलंबन आदेश पर रोक लगाई जाती है।
याचिकाकर्ता के बताया कि भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दौसा के तत्कालीन एसडीओ पुष्कर कुमार मित्तल और याचिकाकर्ता के खिलाफ जनवरी 2021 में एफआईआर दर्ज की गई थी और मामले में गिरफ्तारी के बाद अलग-अलग आदेशों से दोनों को निलंबन कर दिया गया था। वहीं पुष्कर मित्तल के निलंबन आदेश को हाईकोर्ट गत 17 जुलाई को स्टे कर चुका है। मामले में एसीबी की ओर से आरोप पत्र मी पेश किया जा चुका है, लेकिन उसके बाद केस में कोई प्रगति नहीं हुई है। ऐसे में उसके निलंबन आदेश पर रोक लगाई जाए। जिसका विरोध करते हुए अतिरिक्त सरकारी अधिवक्ता ने कहा कि याचिका पेश होने के बाद दोनों आरोपियों को गत 30 दिसंबर को विभागीय आरोप पत्र दिया जा चुका है। रिव्यू कमेटी की ओर से याचिकाकर्ता के निलंबन को लेकर समीक्षा की गई थी, लेकिन गत 16 दिसंबर की बैठक में निलंबन रद्द करने की सिफारिश नहीं की गई। सरकारी पक्ष की ओर से यह भी कहा गया कि रिव्यू कमेटी की गत 12 मई को भी बैठक हुई थी, लेकिन उसके विवरण की जानकारी उन्हें नहीं है। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद अदालत ने याचिकाकर्ता के निलंबन पर रोक लगा दी है। गौरतलब है कि हाईवे निर्माण कंपनी ने एसीबी में शिकायत दी थी कि आरोपी एसडीओ काम में रुकावट नहीं डालने की एवज में रिश्वत मांग रहे हैं। इस पर एसीबी ने 13 जनवरी 2021 को पुष्कर मित्तल को पांच लाख रुपए लेते गिरफ्तार किया था। वहीं एसडीओ पिंकी मीणा को 10 लाख रुपए मांगने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।









