हिसार : राखी गढ़ी के तीन टीलों पर खुदाई शुरू, जल्द होंगे शहरी स्वरूप से रूबरू
इसलिए गहराई तक खुदाई करने के बाद ही पुरानी सभ्यता के अवशेष मिलते हैं।
अबकी बार टीलों के किनारों की खुदाई की जा रही
हैं। जैसे-जैसे खुदाई आगे बढ़ती रहेगी वैसे-वैसे ही इस सभ्यता के स्वरूप देखा जा सकेगा।
पहली बार ही सभी सातों टीलों पर एक साथ खुदाई होने वाली है। खुदाई में यह देखा जा सकेगा
कि सभी सातों टीमों का आपस में क्या संबंध होता था और यह अलग-अलग किन परिस्थितियों
में हुए होंगे। तीन टीलों पर खुदाई शुरू हो चुकी है। जल्द ही ट्रेंच बनाकर बाकी बचे
चार और टीलों पर खोदाई का काम शुरू होगा। खुदाई क बाद गांव या शहर का जो स्वरूप होता
था उसका भी पता लगाया जा सकेगा।
जिला पार्षद दिनेश श्योराण, धर्मपाल लोरा, वजीर
सिंह, मास्टर रमेश कुमार, विक्की ने बताया कि गांव में हड़प्पा कालीन सभ्यता की सबसे
बड़ी साइट है। सरकार को और ज्यादा बड़े पैमाने पर खुदाई करके इस गांव को बड़ा पर्यटक
हब बनाने का काम करना चाहिए ताकि इस क्षेत्र के युवाओं को रोजगार भी मिल सके।
भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग दिल्ली के महानिदेशक
वाईएस रावत ने रविवार को बताया कि खुदाई शुरू हो चुकी हैं। अभी शुरुआती दौर है। कुछ
कहना जल्दबाजी होगा लेकिन जो चीज सबसे पहले की जानी चाहिए थी हमने वहीं से इसको शुरू
किया है। खुदाई के बाद पूरी रिपोर्ट बनाई जाएगी।









