रूद्रप्रयाग में अतिवृष्टि से बगरधार में चार आवासीय मकान जमींदोज, दस को खतरा

अतिवृष्टि से चार आवासीय मकान जमींदोज हो गए हैं और कई मकानों को खतरा पैदा हो गया है। गिंवाला गांव में एक गौशाला क्षतिग्रस्त हो गई है।

राजस्व विभाग और नगर पंचायत की टीम ने मौके का स्थलीय निरीक्षण कर नुकसान का जायजा लिया। उत्तराखंड महिला आयोग की उपाध्यक्ष एश्वर्य रावत ने प्रभावित गांवों का भ्रमण कर ग्रामीणों से बातचीत करते हुए हरसंभव मदद का भरोसा दिया। भारी बारिश के बीच बादल फटने से रूमसी गांव में ग्रामीणों की सैकड़ों नाली कृषि भूमि को क्षति पहुंची है। वहीं, नगर पंचायत अगस्त्यमुनि से लगे चमेली, गिंवाला, सौड़ी और सिलकोट क्षेत्र में भी मकान, गौशाला, पेयजल योजना, सिंचाई नहर, पैदल मार्ग को क्षति पहुंची है।

कई घरों में मलबा घुस गया, जिससे लोग अपनी सुरक्षा के लिए रतजाग रहे। नगर पंचायत सभासद सोनिया सजवाण ने बताया ग्राम पंचायत चमेली के बगरधार में दिनेश सिंह, महेंद्र सिंह, यशवीर सिंह और दलीप सिंह के आवासीय मकान पूरी तरह से जमींदोज हो गये हैं। प्रभावित परिवारों ने पंचायत भवन में शरण ले रखी है, पर वहां भी रहने लायक नहीं है। इतना सही रहा कि तेज बारिश में मलबा आते ही प्रभावित पहले ही सुरक्षित बाहर आ गये थे। गांव के दीपक सिंह, अवतार सिंह, जगदीश सिंह सजवाण सहित दस आवासीय मकान खतरे की जद में आ गये हैं।

इधर, बेडूबगड़ में भी भारी मलबा आने से दो वाहन मलबे में दब गये थे, जिन्हें बाद में एनएच की मदद से निकाया गया। शनिवार को उत्तराखण्ड महिला आयोग की उपाध्यक्ष ऐश्वर्या रावत ने प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लिया और प्रभावितों से मुलाकात की। उन्होंने प्रशासन को आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए। दूसरी तरफ केदारनाथ विधानसभा की विधायक आशा नौटियाल, नगर पंचायत अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद गोस्वामी ने भी प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण कर हालातों का जायजा लिया। कहा कि प्रभावितों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाकर उन्हें तात्कालिक मदद दी जाए।————