राहुल गांधी का ‘चित भी मेरी पट भी मेरी’ फार्मूला अब देश नहीं स्वीकारता

राहुल गांधी का ‘चित भी मेरी पट भी मेरी’ फार्मूला अब देश नहीं स्वीकारता

कांग्रेस हारे तो ईवीएम ख़राब : केशव प्रसाद मौर्य

लखनऊ,08 जून (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा लिखे गये लेख की तीखी आलोचना की है। उप मुख्यमंत्री ने अपने सोशल मीडिया एकाउंट एक्स पर रविवार को लिखा कि राहुल गांधी का ‘चित भी मेरी पट भी मेरी’ फार्मूला अब देश नहीं स्वीकारता।

कांग्रेस हारे तो ईवीएम ख़राब — जीते तो भाजपा का जनाधार और मोदी की लोकप्रियता घट गई!

संविधान और आरक्षण पर झूठ बोलकर लोकसभा में कुछ सीटें क्या मिलीं, अहंकार सातवें आसमान पर था — जो हरियाणा, दिल्ली और महाराष्ट्र की जनता ने चकनाचूर कर दिया। अब बाकी राज्यों में भी गरीब कल्याण और सुशासन का खिलेगा कमल, बनेगा कांग्रेस मुक्त भारत!

जय भाजपा 2047 तक तय भाजपा

केशव प्रसाद मौर्य ने लिखा कि भारत की सफलताओं से कांग्रेस को मितली आने लगती है। आपरेशन सिंदूर से पस्त कांग्रेस को अब आपरेशन की सफलता और पाक की नापाक हरकतों का ख़ुलासा करने को लेकर विदेशों में भेजे गए प्रतिनिधिमंडल की सफलता पर भी कांग्रेस को दस्त आने लगे हैं, उसकी इस जाहिल शंका का सबसे सटीक जवाब तो इस प्रतिनिधिमंडल में शामिल उसके सदस्य दे सकते हैं जिनके नाम शशि थरूर, सलमान ख़ुर्शीद, मनीष तिवारी और आनंद शर्मा हैं। यह सभी वरिष्ठ सदस्य कांग्रेस के स्थायी अध्यक्ष राहुल गांधी से हरेक मायने में ज्यादा अनुभवी और समझदार हैं।

अगर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का मजबूत नेतृत्व न होता,तो सर्जिकल स्ट्राइक, एयर स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर जैसे ऐतिहासिक कदम कभी नहीं उठाए जाते। कांग्रेस के समय भी सेना सक्षम थी,जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद चरम पर था,लाखों कश्मीरी पंडितों को विस्थापित होना पड़ा,

नागरिकों और सुरक्षा बलों पर अनगिनत आतंकी हमले हुए,हज़ारों निर्दोष लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी। परंतु उस समय कांग्रेसी नेतृत्व कायर था, राहुल गांधी जैसे लोग सिर्फ बयानबाज़ी करते हैं। देशहित में निर्णायक साहस दिखाना कांग्रेस और उनके नेताओं के बस की बात नहीं।

मोदी है तो मुमकिन है।