रिटायर्ड कर्मचारी संगठन ने डीए और वेतन आयोग का लाभ न देने के फैसले का किया विरोध
रिटायर्ड कर्मचारी संगठन ने डीए और वेतन आयोग का लाभ न देने के फैसले का किया विरोध
फतेहाबाद, 3 जून (हि.स.)। रिटायर्ड कर्मचारी संगठन फतेहाबाद की मासिक बैठक मंगलवार को पीडब्ल्यूडी रैस्ट हाऊस में हुई। बैठक में रिटायर्ड कर्मचारियों ने केन्द्र सरकार द्वारा फाइनेंस एक्ट 2025 पारित कर रिटायर्ड कर्मचारियों को महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी और आठवें वेतन आयोग का लाभ न दिए जाने के फैसले का कड़ा विरोध किया गया। संगठन ने सरकार से कर्मचारी विरोधी इस फैसले को तुरंत वापस लेने की मांग करते हुए चेतावनी दी कि अगर सरकार ने रिटायर्ड कर्मचारियों के हितों के साथ कोई खिलवाड़ किया तो रिटायर्ड कर्मचारी संगठन चुप नहीं बैठेगा और सडक़ों पर उतरकर इसका जोरदार विरोध किया जाएगा। बैठक की अध्यक्षता जिला प्रधान मुंशीराम कम्बोज ने की व संचालन महासचिव सुभाष चन्द्र चौहान ने किया। बैठक को संबोधित करते हुए जिला प्रधान मुंशीराम कम्बोज, महासचिव सुभाष चन्द्र चौहान व निहाल सिंह मताना ने केन्द्र सरकार द्वारा 8वें वेतन आयोग की सिफारिश के लाभ से 31 दिसम्बर 2025 तक पेंशन प्राप्त करने वाले कर्मचारियों को वंचित करने का फैसला लेकर इन कर्मचारियों के साथ धोखा किया है। उन्होंने कहा कि अपने जीवन को सरकारी सेवा में लगाने वाले इन कर्मचारियों को जब सामाजिक सुरक्षा की जरूरत पड़ी तो सरकार ने अपने कदम पीछे खींच लिए। रिटायर्ड कर्मचारी सरकार के इस फैसले का पुरजोर विरोध करते हैं और मांग करते हैं कि केन्द्र सरकार अपने इस फैसले को तुरंत वापस ले। इसके अलावा संगठन ने मांग की है कि रिटायर्ड कर्मचारियों के लिए कैशलेस मेडिकल सुविधा लागू की जाए और इसका पोर्टल तुरंत खोला जाए। 18 महीने का डीए एरियर तुरंत जारी हो, फैमिली पेंशनर्ज को एलटीसी सुविधा दी जाए, कम्युटेशन की रिकवरी 15 वर्ष से घटाकर 12 वर्ष की जाए। इसके अलावा रेलवे में 60 वर्ष की आयु के बाद पेंशनर्ज के लिए रेलवे में रियायती दर पर यात्रा सुविधा पुन: लागू करने, चिकित्सा भत्ता 3 हजार रुपये मासिक देने की मांग की गई। उन्होंने कहा कि जो कर्मचारी 58 वर्ष बाद पेंशनर्ज आता है तो 59 वर्ष की आयु पर 1 प्रतिशत, 60 वर्ष के बाद 2 प्रतिशत, 61 वर्ष बाद 3 प्रतिशत, 62 वर्ष बाद 4 प्रतिशत, 63 वर्ष बाद 5 प्रतिशत, 64 पर्ष बाद 6 प्रतिशत, 65 वर्ष बाद 7 प्रतिशत इसकी प्रकार प्रतिवर्ष एक-एक प्रतिशत बेसिक पेंशन में बढ़ोतरी की जाए।









