जोधपुर में बजरी माफिया से सांठगांठ: डीएसटी भंग, 11 पुलिसकर्मी लाइन हाजिर, दो कांस्टेबल सस्पेंड!
जोधपुर ग्रामीण पुलिस में हाल ही में एक बड़ा मामला सामने आया है, जिसमें पुलिस के कुछ कार्मिकों की बजरी माफिया और तस्करों के साथ मिलीभगत का खेल खुलकर उजागर हुआ है। यह स्थिति तब उत्पन्न हुई जब जिले के डिस्ट्रिक्ट स्पेशल टीम (डीएसटी) के कुछ सदस्यों ने दिखावे के लिए तो बदमाशों पर कार्रवाई की, लेकिन असल में वे अपराधियों के साथ मिलकर काम कर रहे थे। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ने तत्काल डीएसटी को भंग करने का निर्णय लिया और बिलाड़ा पुलिस सर्किल के 11 पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर करने के निर्देश दिए।
डीआईजी राममूर्ति जोशी ने मंगलवार को इस संबंध में तीन अलग-अलग आदेश जारी किए, जिनमें बिलाड़ा थाने के एएसआई पूनाराम और समयराम, जबकि बिलाड़ा थाना के हैड कांस्टेबलों में लखपतराम, राजेश, शैतानराम सहित अन्य कांस्टेबलों के नाम शामिल हैं। इन सभी पर अवैध बजरी खनन और परिवहन में संलिप्त होने के आरोप हैं। विशिष्ट रूप से, कांस्टेबल रिछपालसिंह का नाम सामने आया, जो खुलेआम बजरी माफिया के साथ मिलकर काम कर रहा था, और इसके सबूत पुलिस अधीक्षक के पास भी पहुंचे थे।
यही नहीं, हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें दो पुलिसकर्मी पार्टी में दिखे, जहां खुलकर अफीम की मनुहार चल रही थी। इस वीडियो में मादक पदार्थ तस्करी से जुड़े बदमाश भी नजर आए, जो पुलिस के लिए चिंताजनक स्थिति है। इन दोनों पुलिस कर्मियों, कांस्टेबल पांचाराम और संजयसिंह को भी तुरंत निलंबित किया गया है।
पुलिस सूत्रों की मानें तो ये कांस्टेबल काफी समय से डीएसटी में तैनात थे और जिले में तस्कर-माफिया के साथ साठगांठ करके अपनी मर्जी से काम कर रहे थे। पुलिस अधीक्षक जोशी ने स्पष्ट किया कि इस डीएसटी को भंग कर नए सिरे से गठित किया जाएगा, ताकि कानून व्यवस्था को बनाए रखा जा सके और पुलिस की छवि को सुधारने के प्रयास किए जा सकें।
इस पूरे मामले ने जोधपुर ग्रामीण पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया है। जनता में पुलिस के प्रति जो विश्वास बना हुआ था, वो अब सवालों के घेरे में आ गया है। पुलिस प्रशासन का यह कर्तव्य है कि वह खुद को साफ-सुथरा रखे और किसी भी तरह की भ्रष्टाचार या अपराध में शामिल नहीं हो। इस मामले की जांच के बाद जो भी सच्चाई सामने आएगी, उसके अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस घटनाक्रम ने स्पष्ट कर दिया है कि पुलिस में अनुशासन और निष्ठा का पालन न करना कितना खतरनाक हो सकता है।









