NCW के सामने रणवीर और अपूर्वा की पेशी: ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ पर टिप्पणी के लिए मांगी माफी!

यूट्यूबर रणवीर अलाहबादिया और अपूर्वा मखीजा 6 मार्च को राष्ट्रीय महिला आयोग के समक्ष उपस्थित हुए। यह पेशी उस विवाद के चलते हुई, जब आयोग ने ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ शो में किए गए अपमानजनक टिप्पणियों को लेकर रणवीर, अपूर्वा, समय रैना, जसप्रीत सिंह और आशीष चंचलानी को तलब किया। पीटीआई की एक रिपोर्ट के अनुसार, रणवीर और अपूर्वा ने महिला आयोग के समक्ष अपनी विवादास्पद टिप्पणियों पर खेद व्यक्त किया। आयोग ने इस मुद्दे को गंभीरता से लिया था, जिसके चलते शो के निर्माता सौरभ बोथरा, तुषार पुजारी, हास्य कलाकार जसप्रीत सिंह और यूट्यूबर आशीष चंचलानी के वकील भी आयोग के समक्ष उपस्थित हुए।

जब विवाद ने बढ़ती हुई गति पकड़ी, तब रणवीर अलाहबादिया ने सामाजिक मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट करके माफी मांगी। उन्होंने कहा था, “मेरा कमेंट अनुचित था और यह कॉमेडी भी नहीं थी। मैं अपनी बात को स्पष्ट करना चाहता हूं कि मैं इस प्लेटफॉर्म का गलत इस्तेमाल नहीं करना चाहता।” उन्होंने यह भी कहा कि जो उन्होंने कहा वह ठीक नहीं था और उन्होंने निर्माताओं से अनुरोध किया कि वे वीडियो के असंवेदनशील हिस्से को हटा दें। इस मामले में मानवता के नाते माफी मांगते हुए उन्होंने अपनी गलती को स्वीकार किया।

समय रैना ने पूरे शो के सभी एपिसोड डिलीट कर दिए थे। इसको लेकर रणवीर अलाहबादिया की विवादास्पद टिप्पणी ने सभी को चौंका दिया था। 8 फरवरी को जब यह एपिसोड प्रसारित किया गया, तो यह तुरंत ही विवादों में घिर गया। शो से जुड़े सभी व्यक्तियों के खिलाफ देश के विभिन्न हिस्सों, जैसे मुंबई और असम में कई शिकायतें दर्ज की गईं। इसके फलस्वरूप, साइबर सेल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उस विवादास्पद एपिसोड को हटा दिया, और इसके कुछ समय बाद समय रैना ने शो के सभी एपिसोड भी डिलीट कर दिए।

इस बीच, सुप्रीम कोर्ट ने रणवीर अलाहबादिया को उनके पॉडकास्ट ‘द रणवीर शो’ को दोबारा शुरू करने की अनुमति प्रदान करने का निर्णय लिया। हालांकि, कोर्ट ने यह स्पष्ट किया कि वह अपने शो में किसी भी प्रकार की अश्लीलता को शामिल नहीं करेंगे। इस प्रकार, कोर्ट ने यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया कि शो की कंटेंट में सभ्यता और नैतिकता को बनाए रखा जाए।

पिछले दिनों में यह मामला काफी चर्चा का विषय बन गया है और इसने कई मुद्दों को उजागर किया है। यूट्यूब और अन्य सामाजिक मीडिया प्लेटफार्मों पर की जाने वाली टिप्पणियों की जिम्मेदारी और प्रभाव के बारे में आम जन में चर्चा बढ़ी है। अब देखना यह है कि क्या यह मामलों के प्रति सजगता में परिवर्तन लाएगा, या फिर यह विवाद केवल एक क्षणिक घटना बनेगा।