गृह निर्माण समितियों की अनियमितताओं पर लगेगी नकेल, बनेगा नया सहकारिता कानून!

राजस्थान में सहकारिता के क्षेत्र में महत्वपूर्ण बदलाव करने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे। यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने इस संबंध में जानकारी दी है कि राज्य सरकार जल्द ही एक नया सहकारिता अधिनियम लाने की योजना बना रही है। यह अधिनियम विशेष रूप से गृह निर्माण सहकारी समितियों को ध्यान में रखकर बनाया जाएगा, ताकि निजी कॉलोनाइजरों द्वारा की जाने वाली अनियमितताओं पर लगाम लगाई जा सके।

खर्रा ने स्पष्ट किया कि वर्तमान में कई निजी कॉलोनियां बिना किसी स्थानीय निकाय से आवश्यक अनुमोदन प्राप्त किए बनाई जा रही हैं। इनमें बुनियादी सुविधाओं का अभाव होना भी आम जनता के लिए समस्या का सबब बन रहा है। नई सहकारिता अधिनियम के तहत, उन कॉलोनियों में सभी आवश्यक सुविधाओं का विकास अनिवार्य किया जाएगा, जो गृह निर्माण सहकारी समितियों द्वारा की जाएगी। इसके अलावा, नियमों का पालन न करने वाले दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के प्रावधान भी किए जाएंगे।

उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में पंजिकृत गृह निर्माण सहकारी समितियों द्वारा अनियमितताओं पर कार्रवाई करने का कोई विशेष प्रावधान नहीं है, जिससे कई शिकायतें उत्पन्न हो रही हैं। इसके अंतर्गत, 1990 से 1998 के बीच की अवधि में विकसित हुई निजी कॉलोनियों की समस्त जानकारी शहरी विकास प्राधिकरण (जेडीए) और अन्य नगर निकायों को उपलब्ध कराई जा चुकी है। इसे एक बुकलेट के रूप में प्रकाशित करके आम लोगों के लिए भी उपलब्ध कराया गया है, ताकि वे आवश्यकतानुसार इसका उपयोग कर सकें।

राज्य सरकार का उद्देश्य यह है कि विकास प्राधिकरणों, नगरीय निकायों तथा अन्य स्थानीय संस्थाओं के क्षेत्राधिकार के अंतर्गत आने वाली कॉलोनियों में किसी भी प्रकार की अनियमितता न हो। इसी कड़ी में नए दिशा-निर्देश तैयार किए जाएंगे, ताकि सभी जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित हो सके। इसके साथ ही, यह भी आवश्यक होगा कि कॉलोनाइज़र कॉलोनी में सभी सुविधाओं का विकास सुनिश्चित करें, जिससे जनता को मूलभूत सेवाएं प्राप्त हों।

इस प्रकार, राजस्थान में नए सहकारिता अधिनियम के माध्यम से स्वस्थ सहकारी गतिविधियों को बढ़ावा देने के साथ ही, आम जनता की आवासीय जरूरतों को पूरा करने के लिए ठोस कदम उठाने का प्रयास किया जा रहा है। यह कदम न केवल विकासात्मक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह नागरिकों के अधिकारों और उनके बेहतर जीवन स्तर के लिए भी आवश्यक है। मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने इस दिशा में उठाए गए कदमों की तारीखों का भी उल्लेख किया और कहा कि यह योजना जल्द ही क्रियान्वित की जाएगी।