गोविंदा ने ठुकराया ‘अवतार’ ऑफर, बॉडी पेंट से हॉस्पिटल की चिंता बताई!

बीते कुछ वर्षों से यह बहस का विषय बना हुआ था कि प्रसिद्ध अभिनेता गोविंदा ने हॉलीवुड फिल्म “अवतार” का टाइटल दिया था और उन्हें इसमें रोल भी ऑफर किया गया था, जिसे उन्होंने ठुकरा दिया। हालांकि, इस बारे में गोविंदा ने हाल ही में अपने बयानों से स्थिति स्पष्ट की है। उनके अनुसार, उन्होंने एक व्यवसायी सरदार को एक आईडिया दिया था, जिसने बाद में उनके लिए जेम्स कैमरून से मिलवाने का काम किया। गोविंदा ने अभिनेता मुकेश खन्ना को दिए एक इंटरव्यू में अपने अनुभव साझा किए और बताया कि उन्होंने इस प्रोजेक्ट के लिए 21 करोड़ 50 लाख रुपये का ऑफर ठुकराया था।

गोविंदा ने कहा, “एक बार एक सरदार जी ने मुझसे संपर्क किया और कहा कि वे अमेरिका में कुछ करना चाहते हैं। मैंने उन्हें सलाह दी कि वे खाने-पीने की वस्तुओं का पेटेंट कर लें। इस बातचीत के बाद मैं इसे भूल गया था, लेकिन कुछ समय बाद लंदन में उनकी मुलाकात जेम्स कैमरून से करवाई गई।” उन्होंने यह भी बताया कि उस समय उन्होंने हॉलीवुड डायरेक्टर को अपने घर खाने पर बुलाया था और उनके साथ फिल्म करने की संभावनाओं पर चर्चा की थी।

अगले हिस्से में, गोविंदा ने कहा कि उन्होंने “अवतार” फिल्म के टाइटल का सुझाव दिया था। उन्होंने उल्लेख किया कि राजेश खन्ना के एक फिल्म में लंगड़े रोल को देखकर उन्हें यह नाम सुझाने का ख्याल आया। जब उन्होंने कैमरून से कहा कि “अवतार” का दूसरा हिस्सा बनाया जाना चाहिए, तो कैमरून ने उन्हें बताया कि “हीरो लंगड़ा है।” गोविंदा ने मजाक में कहा कि वह इस फिल्म में काम नहीं कर सकते, क्योंकि उन्हें अपनी सेहत की चिंता थी।

दरसअल, हॉलीवुड फिल्म “अवतार” 2009 में रिलीज हुई थी और यह एक बड़ी हिट साबित हुई। इसकी खासियत यह है कि यह फिल्म न केवल तकनीकी दृष्टि से उत्कृष्ट है, बल्कि इसकी कहानी और नायक के किरदार ने भी दर्शकों को बहुत आकर्षित किया। अब तक इस फ्रैंचाइजी की तीन फिल्में रिलीज हो चुकी हैं, जो सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फ्रैंचाइजी में से एक मानी जाती हैं।

इस प्रकार, गोविंदा का यह अनुभव और उनके द्वारा दिए गए खुलासे फिल्म उद्योग में चर्चा का विषय बन चुके हैं। उनके बयान से यह स्पष्ट होता है कि यदि उन्होंने अपना निर्णय बदलते हुए फिल्म का हिस्सा बनने का निर्णय लिया होता, तो शायद उनकी करियर की दिशा कुछ और होती। यह दिलचस्प है कि कैसे एक साधारण बातचीत से ऐसे बड़े प्रोजेक्ट की शुरूआत हो सकती थी और गोविंदा का निर्णय इस संबंध में दर्शकों के लिए जांच का विषय बन चुका है।