शाहरुख की ‘देवदास’ से ज्यादा सफल थी ‘राज’: डीनो मोरिया की चौंकाने वाली टिप्पणी!
डिनो मोरिया ने हाल ही में एक इंटरव्यू में अपनी फिल्म ‘राज’ की तुलना शाहरुख खान की मशहूर फिल्म ‘देवदास’ से की है। डिनो का कहना है कि ‘देवदास’ एक बड़ी बजट वाली फिल्म थी जिसे बड़े पैमाने पर रिलीज किया गया, वहीं ‘राज’ एक छोटी बजट की फिल्म होने के बावजूद ज्यादा सफल रही। उन्होंने बताया कि राज ने देवदास की तुलना में अधिक कमाई की, जबकि उन्हें इस सफलता के लिए कोई पुरस्कार नहीं मिला, जिससे वह काफी निराश हैं। पिंकविला के साथ बातचीत में डिनो ने कहा कि ‘राज’ उस साल की एक बड़ी हिट फिल्म थी और उन्होंने इसके प्रदर्शन पर गर्व महसूस किया।
डिनो मोरिया ने स्पष्ट किया कि यदि दोनों फिल्मों की कमाई और खर्च की तुलना की जाए, तो ‘राज’ ने ‘देवदास’ के मुकाबले अधिक लाभ हासिल किया। देवदास का बजट लगभग 30 करोड़ रुपये था, जिसने दुनियाभर में लगभग 90 करोड़ रुपये की कमाई की, जबकि ‘राज’ का बजट मात्र 5 करोड़ रुपये था और उसने 35 करोड़ रुपये की कमाई की। इस तरह से ‘राज’ ने कम खर्च में ज्यादा मुनाफा कमाया। डिनो का यह कहना था कि जिन पुरस्कारों की उम्मीद थी, उनमें से सिर्फ दो ही अवॉर्ड उन्हें और बिपाशा बसु को ‘न्यू जोड़ी’ के लिए मिले, जबकि फिल्म के गाने आज भी दर्शकों के बीच लोकप्रिय हैं।
उन्होंने आगे कहा कि ‘राज’ के गानों की लोकप्रियता को देखते हुए उन्हें इन गानों के लिए कोई पुरस्कार नहीं मिलने पर अजीब सा महसूस हुआ। डिनो के अनुसार, अच्छे म्यूजिक और मनोरंजन सामग्री के लिए उचित मान्यता न मिलना कलाकारों के लिए चिंता का विषय है। उन्होंने यह भी कहा कि आज भी लोग उस फिल्म के गानों का आनंद लेते हैं, जो कि उनके लिए एक बड़ा सम्मान है।
फिल्म ‘देवदास’ की बात करें तो यह फिल्म 2002 में रिलीज़ हुई थी और इसमें शाहरुख खान, ऐश्वर्या राय, माधुरी दीक्षित और जैकी श्रॉफ जैसे दिग्गज कलाकारों ने अपनी अदाकारी से दर्शकों का दिल जीत लिया था। इस फिल्म ने अपने बेजोड़ प्रदर्शन के लिए शाहरुख खान को ‘बेस्ट एक्टर’ का अवार्ड भी दिलवाया। दूसरी ओर, ‘राज’ में डिनो मोरिया और बिपाशा बसु ने मुख्य भूमिकाएँ निभाई थीं और इस फिल्म को भी उसी साल रिलीज किया गया था।
इस प्रकार, डिनो मोरिया का ये विचार और उनकी निराशा समारोहों में उचित सम्मान न मिल पाने को लेकर महत्वपूर्ण है। उनके लिए यह एक महत्वपूर्ण अनुभव रहा कि उनकी फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर सफलता हासिल की, लेकिन कला और संगीत के मामले में उन्हें अपेक्षित सम्मान नहीं मिला। ऐसे में दर्शकों के बीच फिल्म और इसके संगीत की दीवानगी का आलम है, जो दर्शाता है कि सफल होना सिर्फ पुरस्कारों से नहीं, बल्कि दर्शकों का प्यार और सराहना भी है।









