ऑस्कर में भारतीय फिल्मों की उपेक्षा पर दीपिका की प्रतिक्रिया, ‘नाटू नाटू’ की जीत को बताया निजी विजय!

दीपिका पादुकोण ने हाल ही में ऑस्कर अवार्ड्स को लेकर अपनी भावनाएँ साझा की हैं, जो उनके प्रशंसकों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई हैं। उन्होंने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो पीस साझा किया, जिसमें उन्होंने उस अभूतपूर्व क्षण को याद किया जब भारतीय फिल्म ‘आरआरआर’ के गाने ‘नाटू नाटू’ ने इस प्रतिष्ठित पुरस्कार को हासिल किया। दीपिका ने इस रत्न के लिए अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए बताया कि यह उनके लिए कितना खास और भावुक पल था।

वीडियो में दीपिका ने स्पष्ट रूप से भारत की कई फिल्मों को ऑस्कर में बिना पहचाने जाने की निराशा भी व्यक्त की। वह पेरिस में अपने लुई विटॉन शो के लिए तैयार होने के दौरान एक बीटीएस क्लिप साझा कर रही थीं। इस क्लिप में उन्होंने कई बार यह बात की कि भारत को ऑस्कर अवार्ड्स में अक्सर नजरअंदाज किया गया है। उन्होंने बताया कि जब आरआरआर का नाम सुनकर स्क्रीन पर अनाउंस किया गया, तो वह अपनी सीट पर बैठकर कितनी भावुक हो गई थीं। एक भारतीय होने के नाते उस पल ने उन्हें अंदर से छू लिया था, और यह उनके लिए केवल एक फिल्म से अधिक था।

दीपिका ने इस अवसर पर एसएस राजामौली की फिल्म आरआरआर के सफल होने पर भी बात की। उन्हें याद है कि जब ‘नाटू नाटू’ को बेस्ट ऑरिजनल सॉन्ग का पुरस्कार मिला, तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं था। दीपिका ने यह भी बताया कि भारत को कई बार इस तरह के बड़े पुरस्कारों से वंचित रखा गया है, जबकि भारतीय फिल्में और उनका कला कौशल दुनिया भर में प्रशंसा और पहचान पाने के योग्य हैं।

दीपिका द्वारा साझा की गई क्लिप में भारत की अन्य फिल्मों जैसे पायल कपाड़िया की ‘ऑल वी इमेजिन ऐज लाइट’, किरण राव की ‘लापता लेडीज’, राही अनिल बर्वे की ‘तुम्बाड’, और रितेश बत्रा की ‘लंचबॉक्स’ का भी जिक्र है। ये सभी फिल्में ऑस्कर में अनदेखी की गई थीं, हालाँकि उन्होंने अत्यधिक प्रशंसा हासिल की थी। दीपिका ने इन फिल्मों की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए न केवल अपनी निराशा व्यक्त की, बल्कि दर्शकों से भी यह अपील की कि भारतीय सिनेमा की प्रतिभा को सही मान्यता मिले।

वीडियो पोस्ट के कैप्शन में दीपिका ने अभिनेता एड्रियन ब्रॉडी को टैग भी किया है, और एक मजेदार टिप्पणी की है: ‘टेक ए बो।’ दरअसल, ब्रॉडी को 2025 ऑस्कर अवार्ड में उनकी फिल्म ‘द ब्रूटलिस्ट’ के लिए बेस्ट एक्टर का पुरस्कार मिला था, जिसे दीपिका ने संदर्भित किया। इस तरह से दीपिका ने न केवल अपने विचार साझा किए, बल्कि भारतीय सिनेमा की इस प्रमुख पहचान को उजागर भी किया।

उम्मीद है कि इस तरह की बातचीत भारतीय फिल्म उद्योग की प्रतिभाओं को दुनिया के सामने लाने में मदद करेगी और उन्हें वह मान्यता दिलाने में सहायता करेगी, जिसके वे हकदार हैं।