बठिंडा में नहर में मिली युवती की लाश, हत्या के आरोप से SHO सस्पेंड!

बठिंडा के मौड़ मंडी क्षेत्र में 19 वर्षीय युवती चैरिस गोयल का शव एक नहर से बरामद होने का मामला सुर्खियों में है। चैरिस, जो चंडीगढ़ में अपनी पढ़ाई कर रही थी, अपने गांव बठिंडा वापस आ रही थी लेकिन दो दिन से लापता थी। जब उनके परिवार ने स्थानीय पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, तब उस क्षेत्र में खोजबीन की गई, जिसके बाद एनडीआरएफ की टीम ने नहर से उसका शव निकाला। चैरिस के परिजनों ने थाने में धरना दिया और पुलिस की कार्रवाई में देरी के खिलाफ आवाज उठाई।

परिवार ने आरोप लगाया कि चैरिस के जानते हुए कुछ व्यक्तियों ने उसे किडनैप कर हत्या की है। इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पांच लोगों को गिरफ्तार किया, जिनमें एक पति-पत्नी और उनका बेटा शामिल हैं। इस गिरफ्तारी के बावजूद, पीड़ित परिवार और मौड़ मंडी के व्यापारी संगठनों ने पुलिस पर आरोप लगाया है कि अगर मामले की जांच समय पर की गई होती तो यह स्थिति उत्पन्न नहीं होती। उनके अनुसार, पुलिस प्रशासन की लापरवाही के कारण उन्हें प्रदर्शन की कार्रवाई करनी पड़ी।

इस घटना की सूचना मिलने के बाद बठिंडा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अमनीत कोडल ने बताया कि एक दर्जन से अधिक लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई की है और मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएचओ मौड़ मंडी इंस्पेक्टर मनजीत सिंह को निलंबित कर दिया गया है। एसएसपी ने इस बात की पुष्टि की कि पुलिस का पूरा ध्यान मामले को सुलझाने और न्याय दिलाने पर है।

वहीं, स्थानीय व्यापारियों और प्रदर्शनकारियों ने बाजार बंद करने का निर्णय लिया और थाने का घेराव किया। उनका कहना था कि अगर पुलिस समय पर और सही तरीके से कार्रवाई करती, तो चैरिस की हत्या को रोका जा सकता था। यह मामला न केवल परिवार के लिए बल्कि整个 क्षेत्र के लिए एक गंभीर चिंता का विषय बन गया है। स्थानीय निवासियों का मानना है कि इस प्रकार के अपराधों को रोकने के लिए पुलिस को अधिक सतर्क रहना होगा।

बठिंडा में इस दुखद घटना के बाद अब लोग अपने-अपने स्तर पर सुरक्षा को लेकर जागरूक हो गए हैं। चैरिस गोयल के परिजनों की मांग अब केवल न्याय तक सीमित नहीं है, बल्कि वे यह भी चाहते हैं कि ऐसे मामलों की रोकथाम के लिए कठोर कदम उठाए जाएं। समाज में इस तरह के कांडों के विरुद्ध लोगों को एकजुट होना होगा ताकि भविष्य में किसी और परिवार को इस दर्द का सामना न करना पड़े।