250 बच्चियों तक पहुंचा स्वास्थ्य लाभ, निशुल्क दवाइयों का वितरण!
**भास्कर न्यूज | अमृतसर में विशेष चिकित्सा कैंप का आयोजन**
अमृतसर के जन कल्याण संगठन ने एक अस्पताल के सहयोग से सिटीजन फोरम विधा मंदिर में 250 बच्चियों के लिए एक मुफ्त मेडिकल चेकअप कैंप का आयोजन किया। इस महत्वपूर्ण कैंप का उद्घाटन संस्थापक, राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित डॉ. स्वराज ग्रोवर, अस्पताल के निदेशक डॉ. जीवन ज्योति सिडाना, मंदिर के संस्थापक अजीत सिंह और प्रबंध निदेशक सीमा अरोड़ा ने किया। इस कैंप में बच्चियों को मुफ्त दवाइयां भी प्रदान की गईं, जिससे उनकी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का त्वरित समाधान किया जा सके।
कैंप के दौरान विशेषज्ञ चिकित्सकों की एक टीम ने विभिन्न बीमारियों के लिए बच्चियों का चेकअप किया। इसमें डॉ. करण सैनी, डॉ. राजवीर सिंह, डॉ. तनीषा, डॉ. अमृता और डॉ. सुखराज सिंह शामिल थे। उन्होंने बच्चियों में पेट, लिवर, सिरदर्द, हड्डियों में दर्द, त्वचा संबंधी समस्याएं, कमजोरी और अन्य स्वास्थ्य मुद्दों की जांच की। इस पहल ने जरूरतमंद बच्चियों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देकर उन्हें चिकित्सा सहायता प्रदान की।
महिलाओं के स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से, इस कैंप का आयोजन अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर किया गया। डॉ. स्वराज ग्रोवर ने इस दिन के खास महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि एक स्वस्थ महिला ही एक स्वस्थ समाज का निर्माण कर सकती है। उन्होंने नारे का समर्थन करते हुए कहा “मेरा स्वास्थ्य-मेरा अधिकार” को और अधिक संवर्धित करने की आवश्यकता है। यह बात उन्होंने इस बात पर जोर देते हुए कही कि केवल स्वस्थ महिलाएं ही अपने अधिकारों के लिए उचित तरीके से लड़ सकती हैं।
कैम्प के आयोजन के दौरान संगठन की सचिव डाली भाटिया तथा अन्य सदस्यों जैसे वीना महाजन, रेनू महाजन, स्नेह अरोड़ा, एडवोकेट सिमरप्रीत कौर हुंडल, ममता हांडा और नीरू भाटिया ने उत्साहपूर्वक सहयोग दिया। इस अवसर पर प्री. इन्द्रजीत, दविंदर, मनप्रीत, रिचा, ज्योति, अमनप्रीत, अमनदीप, सरोज, अमृतपाल, अर्शदीप, नवनीत, रितिका, सिमरदीप सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे।
इस भव्य कैंप के माध्यम से, न केवल बच्चियों की स्वास्थ्य समस्याओं का समाधान किया गया, बल्कि एक जागरूकता अभियान भी चलाया गया जिससे समाज में महिलाओं के स्वास्थ्य को लेकर चितंन करने की आवश्यकता उत्पन्न हुई। इस तरह के कैंप भविष्य में भी आयोजित करने की योजना है, जिससे अधिक से अधिक बच्चों को स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराई जा सके।









