फाजिल्का के 6 साल के बच्चे ने 29 दिन में पूरी की अयोध्या दौड़, एसएसपी ने सम्मानित किया!

फाजिल्का जिले के किलियांवाली गांव के छोटे से लड़के मोहब्बत ने 6 वर्ष की उम्र में एक अनोखी उपलब्धि अपने नाम की है। यह बच्चा, जो वर्तमान में यूकेजी का छात्र है, अपने पिता रिंकू के साथ मिलकर अबोहर से लेकर अयोध्या तक का ऐतिहासिक सफर तय किया। मोहब्बत ने 14 दिसंबर 2024 को अबोहर से अपने सफर की शुरुआत की और 11 जनवरी 2025 को अयोध्या पहुंचकर श्रीराम जन्मभूमि पर पहले माथा टेका। यह यात्रा न केवल उसकी शारीरिक क्षमताओं का प्रमाण है, बल्कि उसके अदम्य साहस का भी।

मोहब्बत की इस अनूठी उपलब्धि को सराहते हुए फाजिल्का के एसएसपी वरिंदर सिंह बराड़ ने उसे सम्मानित किया। एसएसपी ने इस अवसर पर कहा कि मोहब्बत की यात्रा और उसके हौसले ने जिले के लिए गर्व का एक नया क्षण प्रस्तुत किया है। उन्होंने यह भी कहा कि मोहब्बत जैसे बच्चे न केवल अपने परिवारों बल्कि पूरे समाज के लिए प्रेरणास्रोत होते हैं। मोहब्बत और उसके माता-पिता के प्रति एसएसपी ने हौसला बढ़ाते हुए आश्वासन दिया कि जिला पुलिस विभाग ऐसी अनोखी प्रतिभाओं के विकास में पूरी तरह से सहयोग करेगा।

इस घटना के पश्चात, फाजिल्का की पुलिस विभाग ने मोहब्बत को सम्मानित करने का निर्णय लिया है। मोहब्बत को 10 फरवरी को फाजिल्का में होने वाली खेल प्रतियोगिताओं में विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है। इस समारोह में उसे सम्मानित किया जाएगा और उसकी प्रेरक कहानी को सभी उपस्थित लोगों के सामने लाया जाएगा, ताकि वह अन्य युवाओं के लिए भी प्रेरणा बन सके। यह आयोजन न केवल मोहब्बत के लिए एक उपलब्धि है, बल्कि यह पूरे समाज के लिए एक सकारात्मक संदेश भी है।

इस प्रकार, मोहब्बत की यात्रा उसके छोटे से कद के बावजूद बड़ी हिम्मत और साहस का प्रतीक बनकर उभरी है। उसकी इस सफलता से यह सबक मिलता है कि उम्र और कद मायने नहीं रखते, बल्कि जोश और मेहनत से हर लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। गौर करने वाली बात यह भी है कि ऐसे छोटे प्रयास समाज में बड़े बदलाव ला सकते हैं। मोहब्बत के माता-पिता ने भी उसके सपनों को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, जिससे यह सिद्ध होता है कि सही मार्गदर्शन और समर्थन से कोई भी बच्चा ऊँचाइयों को छू सकता है।

इस प्रेरणादायक कहानी ने न केवल मोहब्बत के परिवार की, बल्कि क्षेत्र के सभी लोगों की उम्मीदों को नया उजाला दिया है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि मोहब्बत का यह साहसिक कदम समाज के अन्य बच्चों को कैसे प्रेरित करेगा। उसकी इस यात्रा का महत्व केवल व्यक्तिगत सफलता तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे समुदाय के लिए एक मिसाल है जिसमें एकजुटता, साहस और आत्मविश्वास की आवश्यकता होती है।