पंजाब में डॉक्टर की गोली मारकर हत्या, फरार चोर गाड़ी से हुआ कुचला!
पंजाब के कपूरथला जिले के भानोलंगा गांव में स्थित एक क्लीनिक में रविवार रात हुई एक दुखद घटना ने लोगों को स्तब्ध कर दिया है। यहां एक चोर द्वारा क्लीनिक में घुसने के प्रयास के दौरान डॉक्टर की गोली लगने से मौत हो गई। यह घटना तब घटी जब डॉक्टर गुरचरण सिंह ने अपने बेटे के साथ चोरों को पकड़ने का प्रयास किया। उसी समय एक अन्य चोर भागने की कोशिश करने लगा, जिसके परिणामस्वरूप वह एक मोटर वाहन से टकरा गया और उसकी भी मौके पर मौत हो गई।
डॉक्टर गुरचरण सिंह ने क्लीनिक में कई बार चोरी होने की घटनाओं के चलते CCTV कैमरे लगवाए थे। रविवार रात को जब उन्होंने CCTV फुटेज में देखा कि दो संदिग्ध युवक उनके क्लीनिक में घुस रहे हैं और शटर तोड़ने का प्रयास कर रहे हैं, तो उन्होंने तुरंत अपने बेटे को सूचित किया और दोनों क्लीनिक पहुंच गए। लेकिन चोरों को पकड़ने के प्रयास के दौरान जोरदार हाथापाई हुई। डॉक्टर ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अपनी लाइसेंसी बंदूक निकाली, जिसमें गलतफहमी में फायर हो गया और गोली सीधे डॉक्टर को लग गई, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
चोरों ने जब देखा कि डॉक्टर सही समय पर वहां पहुंच गए हैं, तो वे भागने की कोशिश करने लगे। इनमें से एक चोर ने भागते समय एक अज्ञात वाहन से टकराकर अपनी जिंदगी गंवा दी, जबकि दूसरा चोर भागने में सफल रहा। चोर का साथी उसे मौके पर छोड़कर भाग गया। जब डॉक्टर के बेटे ने इस घटना की सूचना पुलिस को दी, तो पुलिस को सड़क पर एक व्यक्ति की मृत्यु के बारे में भी जानकारी मिली। बाद में जांच से पता चला कि वह व्यक्ति भी उसी चोरी के मामले में शामिल था और उसकी पहचान जालंधर के कृष्ण कुमार के रूप में हुई।
पुलिस की ओर से घटनास्थल पर पहुंचकर जांच की गई और दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया। दीप्टी एएसपी गुरमीत सिंह ने बताया कि इस घटना की जांच की जा रही है और भागने वाले चोर की पहचान की कोशिश की जा रही है। इसके लिए आसपास के CCTV फुटेज की जांच की जाएगी, ताकि पक्के सबूत जुटाए जा सकें और कानूनी कार्रवाई की जा सके।
इस घटना ने न केवल स्थानीय निवासियों बल्कि पूरे प्रदेश को एक बार फिर सुरक्षा और कानून-व्यवस्था की स्थिति पर विचार करने का मजबूर किया है। दरअसल, यह मामला ऐसे समय में सामने आया है, जब पुलिस प्रशासन द्वारा सुरक्षा उपायों को लेकर कई तरह के कदम उठाए जा रहे हैं। इस घटना से यह स्पष्ट हो जाता है कि समाज में अपराध की प्रवृत्तियों को रोकने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता है।









