फाजिल्का: एसएसपी की उपस्थिति में भव्य प्रकाश पर्व, सरबत की खुशहाली की अरदास

दशम पिताजी श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के प्रकाश पर्व का उत्सव फाजिल्का की पुलिस लाइन में स्थित श्री गुरुद्वारा साहिब में धूमधाम से मनाया गया। इस विशेष अवसर पर जहां सुखमणि साहिब के पाठ का भोग डाला गया, वहीं एसएसपी वरिंदर सिंह बराड़ की अगुवाई में पुलिस द्वारा सरबत के भले की अरदास की गई। यह पर्व केवल फाजिल्का तक सीमित नहीं है, बल्कि देश-विदेश में कई स्थानों पर इसे बड़े धूमधाम से मनाया जा रहा है।

फाजिल्का के इस अद्भुत और आकर्षक लकड़ी से बने गुरुद्वारे में इस दिन को विशेष रूप से यादगार बनाने के लिए कई कार्यक्रम आयोजित किए गए। डीएसपी इन्वेस्टिगेशन बलकार सिंह ने जानकारी दी कि आज श्री गुरुद्वारा साहिब में सुखमणि साहिब का पाठ किया गया, जिसमें फाजिल्का के एसएसपी वरिंदर सिंह बराड़ भी उपस्थित रहे। सुखमणि साहिब के पाठ के दौरान श्रद्धालुओं के बीच एकजुटता और भक्ति का एक अनोखा माहौल बना रहा।

सुखमणि साहिब पाठ के अनुष्ठान के बाद उपस्थित श्रद्धालुओं के लिए अटूट लंगर का आयोजन किया गया, जिससे सभी ने प्रसाद का आनंद लिया। लंगर का यह प्रबंधन न केवल श्रद्धालुओं को भोजन करने का अवसर प्रदान करता है, बल्कि सेवा और समर्पण की भावना को भी बल देता है। बलकार सिंह ने बताया कि जिले के अनेक पुलिस अधिकारी और कर्मचारी इस अवसर पर गुरुद्वारा साहिब पहुंचे और सभी ने एक साथ बैठकर सरबत के भले की प्रार्थना की।

इस तरह के धार्मिक आयोजनों में भाग लेने से न केवल पुलिस बल के सदस्यों में आपसी सहयोग और संवाद का भाव बढ़ता है, बल्कि यह समाज में एकता और भाईचारे का प्रतीक भी है। ऐसे पर्वों पर लोग अपने मतभेद भुलाकर एकत्र होकर मानवता की सेवा की ओर अग्रसर होते हैं। पुलिस अधिकारियों ने इस अवसर पर सेवा भाव के साथ सभी श्रद्धालुओं का स्वागत किया और उन्हें इस खास दिन की शुभकामनाएं दीं।

इस प्रकार, श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के प्रकाश पर्व का उत्सव फाजिल्का में श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया गया, जो सभी के दिलों में एक सकारात्मक उर्जा का संचार करता है। यह आयोजन न केवल धार्मिक, बल्कि एक सामाजिक सन्देश भी देता है कि एकता में ही शक्ति है और सभी के भले के लिए मिलकर काम करना चाहिए। इस पर्व ने सभी को प्रेरित किया कि वे अपने कार्यों के द्वारा समाज में सच्चे रूप से योगदान दें।