अबोहर में हड़ताल का कहर: 200 रुट ठप, 19 हजार का नुकसान, नगर निगम की आय भी कम
पंजाब के विभिन्न हिस्सों में आज से शुरू होकर 8 जनवरी तक पीआरटीसी बसों के अस्थाई कर्मचारियों द्वारा हड़ताल का आयोजन किया गया है, जिसके कारण पनबस और पीआरटीसी की बस सेवाएं सीधे तौर पर प्रभावित हुई हैं। यह हड़ताल अबोहर समेत विभिन्न क्षेत्रों में यात्रियों के लिए गंभीर समस्याएं उत्पन्न कर रही है। हर रोज लगभग 50 सरकारी बसों के 200 रूट यहाँ संचालित होते हैं, जिनमें बसों की अनुपस्थिति के चलते स्थानीय निवासियों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
अस्थाई कर्मचारियों द्वारा स्थायी नौकरियों की मांग को लेकर लंबे समय से यह हड़ताल की योजना बनाई गई थी। अबोहर में, जहां सरकारी बसें नहीं चल रही हैं, वहां रहने वाली महिलाओं को भी परेशानी उठानी पड़ी। पहले, ये महिलाएं आधार कार्ड दिखाकर मुफ्त में यात्रा करती थीं, अब उन्हें निजी बसों में यात्रा करने के लिए किराया चुकाना पड़ रहा है। बस अड्डे पर अनुमानित रूप से 50 प्रतिशत रूट बंद रहे, जिससे यात्रियों को महत्वपूर्ण समय बर्बाद करना पड़ा और उनकी यात्रा में रुकावट आई।
बस स्टैंड के अधिकारियों के अनुसार, अबोहर बस स्टैंड से नगर निगम को प्रतिदिन लगभग 7000 रुपये की आय होती है, लेकिन इस हड़ताल के चलते आज यह मात्र 3500 रुपये रह गई। पीआरटीसी बसों के एक दिन की आमदनी लगभग 12,000 रुपये होती है, जो अब उस हड़ताल के कारण नहीं हो पाई है। अगर यह स्थिति अगले दो दिनों तक और जारी रहती है, तो सरकारी खजाने को विशेष रूप से वित्तीय नुकसान का सामना करना पड़ सकता है।
यात्रियों की प्रतिक्रिया भी इस संकट के दौरान नकारात्मक रही है। यात्रियों ने सरकारी परिवहन सेवा के ठप होने पर नाराजगी जताई है और इसके लिए जिम्मेदार संबंधित विभागों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। इस स्थिति के चलते कई यात्रियों को अपने कार्यस्थलों और परिवारों तक पहुंचने में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है, जिससे रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो रही है।
इस संवेदनशील मुद्दे को देखते हुए, सरकार को इस मामले में जल्द से जल्द कदम उठाने की आवश्यकता है ताकि स्थायी कर्मचारियों की मांग को सुनते हुए सामान्य बस सेवाएं फिर से बहाल की जा सकें। यदि उचित समाधान नहीं निकाला गया, तो यह हड़ताल और भी लंबे समय तक चल सकती है, जिससे कि आर्थिक क्षति का सामना करना पड़ेगा।









