भोपाल, बैंक प्रबंधक पर डिजिटल गिरफ्तारी, 2.56 करोड़ लॉन्ड्रिंग! 🤯
**भोपाल में सिवर जालसाजों का एक नया जुगाड़**
भोपाल के कोलार इलाके में रविवार शाम सुनियोजित की गई साइबर धोखाधड़ी ने पूरे शहर में हड़कंप मचा दिया। एक बैंक असिस्टेंट मैनेजर को उसके ही घर में एक घंटे तक डिजिटल अरेस्ट कर रखा गया। जालसाजों ने आधार कार्ड, पेन कार्ड और एटीएम कार्ड से जुड़े हुए मनी लॉड्रिंग के दो करोड़ 56 लाख रुपये की धमकी देकर महिला को कंपल कर लिया।
यह मामला वरिष्ठ बैंक अधिकारी प्रणाली टिकेकर के नाम से जानी जाने वाली महिला के साथ हुआ। रविवार शाम लगभग चार बजकर 30 मिनट पर अनजान नंबर पर कॉल आया। कॉल करने वाला व्यक्ति खुद को दिल्ली क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताते हुए महिला से कहता है कि आपके आधार कार्ड, पेन कार्ड और एटीएम कार्ड के सिलसिले में मनी लॉड्रिंग के दो करोड़ 56 लाख रुपये का ट्रांजेक्शन हुआ है। यह सुनते ही प्रणाली टिकेकर डर गई और जालसाजों का आरोप से इनकार कर दिया।
जालसाज नकली वर्दी में दिखकर महिला से वीडियो कॉल पर बोले, ‘आपके बयान दर्ज किए जाने हैं, कोई रुकावट नहीं चाहिए। आप घर से बाहर नहीं जा सकतीं। आपको डिजिटली अरेस्ट किया गया है।’
प्रणाली टिकेकर खुद को कमरे में बंद कर लिया। जालसाजों ने वीडियो कॉल पर एक घंटे तक उससे प्रश्न पूछते रहे और उसके जवाबों को रिकॉर्ड किया। दोषी होने के आरोप के अनुसार प्रणाली को फर्जी जानकारी के लिए डिजिटल अरेस्ट की चेतावनी दी गयी।
इसके बाद प्रणाली की सास, आशंका जताते हुए, अपने रिश्तेदारों को घटना की जानकारी देती है।
रिश्तादारों ने कोलार थाने में पुलिस को इस मामले की जानकारी देते हुए हड़बड़ाहट से रवाना होकर घटनास्थल पर पहुँचते हैं। धोखेबाजों को पुलिस का हाथ लगने पर वे कुछ सवाल-जवाब करते हुए कैमरा बंद कर भाग जाते हैं।
अडिशनल डीसीपी जोन-4 मलकीत सिंह ने इस घटना का बयान देते हुए बताया कि जालसाजों ने करीब एक घंटे तक महिला को डिजिटल अरेस्ट में रखा और बाद में पुलिस पहुंचने पर जल्दी भाग गए।
**ध्यान दें:** यह अनुवाद स्वचालित रूप से कुछ plagiarism detection tools द्वारा तैयार की गई मानकीकृत हिंदी के लिए है।









