अमृतसर में नेक्सस मॉल पर छापा: पुलिस कमिश्नर की कार्रवाई, सिविल ड्रेस में जांच टीम तैनात!
पंजाब में पुलिस थानों पर होने वाले हमलों के बढ़ते मामलों के बाद, अमृतसर पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को और भी अधिक सख्त कर दिया है। पिछले 52 दिनों में राज्य के विभिन्न पुलिस स्टेशनों में 10 बार विस्फोट की घटनाएँ हो चुकी हैं। इस स्थिति को देखते हुए, अमृतसर पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर के निर्देश पर शहर में विशेष चेकिंग अभियान का शुभारंभ किया गया है। इस अभियान के अंतर्गत, अमृतसर के नेक्सस मॉल में भी गहन चेकिंग की गई, जिसमें डस्टबिनों तक की जांच की गई। शहर के सभी तीन जोन में पुलिस ने 75 विभिन्न स्थानों पर नाकाबंदी की है, जिससे हर आने-जाने वाले वाहन की बारीकी से जांच की जा रही है और संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ की जा रही है।
सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए अमृतसर पुलिस ने नई रणनीति विकसित की है। अब पुलिसकर्मी न केवल वर्दी में, बल्कि नागरिक कपड़े में भी तैनात किए जाएंगे। यह कदम इसलिए उठाया गया है क्योंकि पहले वर्दीधारी पुलिसकर्मियों को देखकर अपराधी आसानी से भाग निकलते थे। बीती रात, पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने खुद सड़कों पर जाकर विभिन्न नाकों, पुलिस थानों और चौकियों पर सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा की। इस विशेष अभियान में डीसीपी कानून व्यवस्था हरप्रीत सिंह, डीसीपी जांच, और डीसीपी सिटी सहित सभी एडीसीपी, एसीपी, और पुलिस स्टेशनों के मुख्य निरीक्षक शामिल हैं। पुलिस कमिश्नर के निर्देशानुसार, यह विशेष रात्रिकालीन अभियान पूरे सप्ताह चलेगा और सभी पुलिसकर्मियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
पंजाब में हुए विस्फोटों की घटनाएँ सुरक्षा अधिकारियों के लिए गंभीर चिंता का विषय बनी हुई हैं। 24 नवंबर को अजनाला थाने के बाहर RDX लगाने की जानकारी मिली थी, हालांकि इसे प्राथमिक स्तर पर नाकाम कर दिया गया। इसके बाद 27 नवंबर को गुरबख्श नगर में एक बंद पुलिस चौकी में ग्रेनेड विस्फोट हुआ। 2 दिसंबर को काठगढ़ थाने में भी इसी प्रकार का विस्फोट हुआ, जिसमें पुलिस ने 3 आतंकियों को गिरफ्तार किया। इसके पश्चात, 4 दिसंबर को मजीठा थाने में फिर से ग्रेनेड विस्फोट हुआ, जिसे पुलिस ने पहले सामान्य घटना बताने की कोशिश की।
आगे की घटनाएँ भी कोई बेहतर स्थितियाँ नहीं दर्शाती। 13 और 17 दिसंबर को Aaliwal Bhatala और इस्लामाबाद थानों में भी ग्रेनेड विस्फोट हुए, जिसे अंततः पुलिस कमिश्नर ने आतंकी वारदात मानने को मजबूर किया। 19 दिसंबर को पंजाब-भारत सीमा के निकट गुरदासपुर में पुलिस चौकी पर भी आतंकियों ने ग्रेनेड फेंका। 21 दिसंबर को कलानौर क्षेत्र की पुलिस चौकी में रात के समय धमाके की घटना भी सामने आई। हालाँकि, पुलिस ने 9 जनवरी को अमृतसर के गुमटाला थाने में हुए विस्फोट को एक तकनीकी समस्या बताकर टालने की कोशिश की।
अंततः, 14 जनवरी को अमृतसर के जुझार सिंह एवेन्यू में एक घर में धमाके की आवाज सुनाई दी, लेकिन पुलिस ने इसे भी खारिज करते हुए कहा कि यह केवल एक कांच की बोतल का टूटना था। इस प्रकार, बढ़ती संकट के बावजूद पुलिस सही जांच और सुरक्षा उपायों को लागू करने की कोशिश कर रही है ताकि आने वाले समय में इस प्रकार की घटनाओं को रोका जा सके।









