संगरुर में हादसे में मददगार बनेंगे देवदूत: मिलेगा 2 हजार का इनाम, घायलों को 50,000 मदद!
पंजाब के संगरूर में आयोजित जिला सड़क सुरक्षा कमेटी की बैठक में डिप्टी कमिश्नर संदीप ऋषि ने सड़कों पर होने वाले हादसों को कम करने के लिए राज्य सरकार की ‘फरिश्ते योजना’ की सफलता की जानकारी दी। यह योजना उन नागरिकों को प्रेरित करती है जो दुर्घटना पीड़ितों की सहायता के लिए आगे आते हैं। अगर कोई व्यक्ति स्वेच्छा से ऐसे पीड़ितों की मदद करता है, तो उसे 2,000 रुपये की नकद राशि और ‘देवदूत’ के प्रमाण पत्र से सम्मानित किया जाएगा। ऋषि ने जिले के निवासियों से अपील की कि वे मानवता की सेवा करते हुए दुर्घटनाग्रस्त व्यक्तियों की मदद के लिए सक्रियता से आगे आएं, क्योंकि इससे कई बहुमूल्य जिंदगियों को बचाया जा सकता है।
इस अवसर पर, संयुक्त निदेशक यातायात देशराज ने हिट एंड रन मामलों में केंद्र सरकार की सहायता योजनाओं के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि अज्ञात वाहनों की चपेट में आने वाले लोगों और मृतकों के वारिसों के लिए हिट एंड रन योजना लागू की गई है जिसमें पीड़ित या उनके परिवार वाले संबंधित उपमंडल अधिकारियों या पुलिस थाने के प्रमुख के पास आवेदन कर सकते हैं। इस योजना के अन्तर्गत यदि हिट एंड रन मामले की पुष्टि होती है, तो घायल व्यक्तियों को 50,000 रुपये और मृतक के वारिसों को 2 लाख रुपये का आर्थिक सहयोग दिया जाता है। साथ ही, सड़क दुर्घटनाओं में मदद करने वाले व्यक्तियों के लिए गुड समार्टियन योजना के तहत 5,000 रुपये की राशि का भी प्रावधान है जिसमें मदद करने वालों को पुलिस के सवाल-जवाब या गवाही देने से मुक्त रखा गया है।
डिप्टी कमिश्नर संदीप ऋषि ने बैठक में यह भी निर्देश दिए कि सड़क हादसों को रोकने के लिए विशेष कदम उठाए जाएं, विशेषकर कोहरे के दौरान। उन्होंने राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों पर सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करने के लिए हेल्पलाइन 108 एम्बुलेंस सेवा, सुरक्षित स्कूल वाहन योजना, उचित साइन बोर्ड और अन्य यातायात संकेतों की स्थापना की आवश्यकता पर जोर दिया। इसके अलवा, उन्होंने तेज गति से चलने वाले वाहनों के चालान करने और स्पीड गवर्नर की फिटिंग सुनिश्चित करने जैसे उपायों का भी संज्ञान लिया। साथ ही, ब्लैक स्पॉट पर चेतावनी बोर्ड लगाने के निर्देश भी दिए गए, जिससे सड़क सुरक्षा में सुधार किया जा सके।
इस बैठक में कई संबंधित अधिकारी भी उपस्थित थे, जिनमें आरटीए रविंदर बांसल, एसडीएम धूरी विकास हीरा, एसडीएम सुनाम ऊधम सिंह वाला प्रमोद सिंगला, प्रभारी जिला ट्रैफिक पुलिस पवन कुमार, ईओ मोहित शर्मा, और शिक्षा, स्वास्थ्य, मंडी बोर्ड, लोक निर्माण विभाग, कॉलेजों के प्रतिनिधि शामिल थे। इन सभी अधिकारियों ने मिलकर सड़क सुरक्षा के मुद्दों पर गहन चर्चा की और कार्य योजना बनाई, ताकि सड़क हादसों की संख्या को कम किया जा सके। इस प्रयास का मुख्य उद्देश्य लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता देना और सड़क पर सुरक्षित वातावरण का निर्माण करना है।









