पंजाब में 295 अस्पतालों में फ्री इलाज: फरिश्ते स्कीम से सड़क हादसा पीड़ितों को राहत!

**पंजाब में सड़क हादसों के पीड़ितों के लिए ‘फरिश्ते स्कीम’ का आगाज़**

पंजाब सरकार ने सड़क हादसों में गंभीर रूप से घायल व्यक्तियों की जान बचाने के लिए ‘फरिश्ते स्कीम’ की शुरुआत की है। इस योजना के तहत प्रदेश के 295 अस्पतालों को शामिल किया गया है, जिसमें 90 टर्शरी केयर अस्पताल भी शामिल हैं। ये अस्पताल राज्य और राष्ट्रीय मार्गों पर 30 किलोमीटर के दायरे में स्थित हैं, ताकि घायल व्यक्तियों को त्वरित और प्रभावी चिकित्सा सेवाएं मिल सकें। इस पहल का मुख्य उद्देश्य गंभीर रूप से घायल लोगों को तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराना है।

‘फरिश्ते स्कीम’ के अंतर्गत सभी अस्पताल एक मोबाइल ऐप, ‘अस्पताल मैपल’, के माध्यम से जुड़े हुए हैं। यह ऐप उपयोगकर्ताओं को उनके आसपास के नजदीकी अस्पतालों की जानकारी प्रदान करता है। पंजाब सरकार ने 25 जनवरी, 2024 को इस योजना की नीति को अधिसूचित किया था। महत्वपूर्ण बात यह है कि यह योजना सभी सड़क हादसा पीड़ितों के लिए बिना किसी जाति, धर्म, राष्ट्रीयता या जन्म स्थान के भेदभाव के लागू होती है। इससे यह सुनिश्चित होता है कि प्रत्येक पीड़ित को बिना किसी पूर्व शर्त के व्यापक चिकित्सा सुविधा मिल सके।

राज्य स्वास्थ्य एजेंसी (एसएचए) पंजाब की मुख्य कार्यकारी अधिकारी बबीता ने बताया कि अब तक इस योजना के तहत 223 दुर्घटना पीड़ितों को मुफ्त इलाज प्रदान किया गया है। इस स्कीम ने 66 ‘फरिश्तों’ का पंजीकरण करने में सफलता प्राप्त की है, जो विभिन्न अस्पतालों में सेवा देते हैं। यदि कोई व्यक्ति अस्पताल में इलाज के दौरान पैसे मांगने की शिकायत करता है, तो वह एसएचए पंजाब में शिकायत दर्ज कर सकता है या 104 मेडिकल हेल्पलाइन पर अपनी शिकायत प्रस्तुत कर सकता है।

आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं की सुविधा को बढ़ाने के लिए पंजाब सरकार ने तीन हेल्पलाइन नंबर – 108, 1033 और 112 – शुरू किए हैं। इन हेल्पलाइन नंबरों को सड़क सुरक्षा फोर्स (एसएसएफ) के साथ भी जोड़ा गया है, जिससे 30 किलोमीटर के दायरे में स्थित नजदीकी अस्पताल का पता लगाने में सहायता मिलती है। एम्बुलेंस स्टाफ को भी दुर्घटना पीड़ितों को समय पर अस्पताल पहुंचाने की विशेष ट्रेनिंग दी गई है।

सरकार की इस पहल का उद्देश्य पीड़ितों को त्वरित और सस्ती चिकित्सा सेवा प्रदान करना है, ताकि सड़क हादसों में वृद्धि के बावजूद लोगों की जानों को बचाया जा सके। यह ‘फरिश्ते स्कीम’ न केवल चिकित्सा सेवाओं को सुलभ बनाने का प्रयास कर रही है, बल्कि लोग जब भी किसी संकट में हों, उन्हें संवेदनशीलता और तत्परता के साथ सहयोग प्रदान करने के लिए भी प्रतिबद्ध है। इस प्रकार, पंजाब सरकार की यह योजना उम्मीदों की किरण बनकर उभरी है, जो सड़क हादसों के पीड़ितों के लिए एक नई आशा लेकर आई है।