पटियाला में किसानों का हंगामा: रेलवे ट्रैक जाम, केंद्र पर प्रताड़ना का आरोप!
आज पटियाला रेलवे स्टेशन और धबलान रेलवे ट्रैक पर विभिन्न किसान जत्थेबंदियों ने केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ एक रेल रोको आंदोलन का आयोजन किया। इस विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में किसान शामिल हुए, जिन्होंने अपने जज्बात व्यक्त करने के लिए केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। किसान नेताओं ने संघर्ष को जारी रखने का संकल्प दिखाते हुए कहा कि केंद्रीय सरकार उनकी मांगों को अनसुना कर रही है।
प्रदर्शन के दौरान पटियाला रेलवे स्टेशन पर बैठे किसानों ने ‘केंद्र सरकार मुर्दाबाद’ के नारे लगाए, जिससे रेलवे स्टेशन का माहौल गरमाया हुआ नजर आया। इससेसमझ आता है कि केंद्र सरकार के खिलाफ किसानों की नाराजगी किस तरह बढ़ रही है। शंभू से आने वाली ट्रेनों का संचालन भी इस आंदोलन के कारण प्रभावित रहा, जिससे यात्री और रेलवे प्रशासन दोनों को असुविधा का सामना करना पड़ा।
किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने किसानों के दिल्ली पहुंचने की कोशिशों को विफल करने के लिए अपना आक्रामक रुख अपनाया है। उन्होंने बताया कि सरकार ने किसानों को ट्रैक्टर ट्रालियों में दिल्ली जाने से रोकने की कोशिश की, जिसके बाद अब किसान पैदल ही शंभू और खनौरी बॉर्डर तक जाने का निर्णय ले चुके हैं। लेकिन सरकार ने वहां भी पानी की बौछारें और आंसू गैस के गोले इस्तेमाल करके किसानों को रोकने का प्रयास किया, जिसे किसानों ने क्रूरता और अन्याय बताया।
किसान संगठनों ने स्पष्ट किया कि उनका आंदोलन जारी रहेगा। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि किसान नेता डल्लेवाल की तबियत बिगड़ रही है, लेकिन सरकार ने किसानों की समस्याओं की ओर ध्यान नहीं दिया। ऐसे में आज का रेल रोको आंदोलन केंद्र और राज्य सरकारों के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कदम है। किसान संगठनों ने अपनी एकता को दिखाते हुए भविष्य में भी इसी तरह के विरोध प्रदर्शन आयोजित करने का ऐलान किया।
इस आंदोलन में शामिल किसानों का मनोबल ऊंचा है, और वे अपनी मांगों के प्रति संकल्पित हैं। उनका कहना है कि जब तक उनकी समस्याओं का समाधान नहीं होता, तब तक वे विरोध जारी रखेंगे। किसानों ने यह भी कहा कि उन्हें यह लड़ाई केवल अपने हक के लिए नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी लड़नी है। इस प्रकार, यह आंदोलन न केवल किसानों के अधिकारों की रक्षा करने के लिए बल्कि उनकी आवाज को सुनने का एक प्रयास है।









