चंडीगढ़ में IPS जोड़ी को नई भूमिका: मंजीत एसपी हेडक्वार्टर, गीतांजलि एसपी सिटी बनीं!

चंडीगढ़ पुलिस विभाग में नए प्रशासनिक बदलाव किए गए हैं, जिसके तहत आईपीएस मंजीत श्योराण को एसपी हेडक्वार्टर की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जबकि उनकी पत्नी, आईपीएस गीतांजलि खंडेलवाल को एसपी सिटी का चार्ज दिया गया है। महत्वपूर्ण बात यह है कि गीतांजलि ने अभी चंडीगढ़ में अपनी सेवाएं शुरू नहीं की हैं, लेकिन उन्हें अंडमान और निकोबार से रिलीव कर दिया गया है और उनकी तैनाती जल्द ही चंडीगढ़ में होगी। इस नियुक्ति से यह स्पष्ट होता है कि पुलिस विभाग में उच्च अधिकारियों के बीच आपसी सहयोग और समन्वय बेहद महत्वपूर्ण है।

गीतांजलि खंडेलवाल को चंडीगढ़ पुलिस में कई अन्य जिम्मेदारियां भी सौंपी गई हैं, जिनमें ऑपरेशन, डब्ल्यू एंड सीएसयू, साइबर क्राइम और विजिलेंस शामिल हैं। ऐसे महत्वपूर्ण पद पर उनकी नियुक्ति यह दर्शाती है कि पुलिस विभाग साइबर अपराध और अन्य उच्च स्तर की आपराधिक गतिविधियों के खिलाफ गंभीर है। दूसरी ओर, मंजीत श्योराण को हेडक्वार्टर, इंटेलिजेंस, ईओडब्ल्यू और कम्युनिकेशन असिस्टेंट कमांडेंट जनरल/होम गार्ड के अतिरिक्त चार्ज सौंपा गया है, जो उनकी क्षमता और अनुभव को उजागर करता है।

इसके अलावा, डीएसपी जसबीर सिंह को एसपी कमांडेंट का चार्ज दिया गया है, साथ ही उन्होंने एसपी क्राइम का अतिरिक्त चार्ज भी ग्रहण किया है। यह पदोन्नति उन्हें पिछले महीने एसपी रैंक पर प्रमोट होने के बाद मिली है। जसबीर सिंह की कार्य क्षमता और समर्पण के कारण उन्हें यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। उनके अनुभव से यह उम्मीद की जा सकती है कि राजनैतिक और सामाजिक अपराधों को खत्म करने में और अधिक सफलता प्राप्त होगी।

आईआरबी कमांडेंट का चार्ज पहले एसएसपी कंवरदीप कौर के पास था, जिन्हें इस चार्ज से रिलीव कर दिया गया है। यह बदलाव इस बात का संकेत है कि चंडीगढ़ पुलिस विभाग में उच्च स्तर पर पुनर्गठन का कार्य जारी है, ताकि बेहतर कार्यक्षमता और प्रभावशीलता प्राप्त की जा सके। आईपीएस मंजीत श्योराण और उनकी पत्नी गीतांजलि खंडेलवाल, जो एजीएमयूटी कैडर 2015 बैच के हैं, अपने कार्यों में कुशल और अनुभवी माने जाते हैं।

इन बदलावों से न केवल पुलिस विभाग का प्रबंधन मजबूत होगा, बल्कि यह चंडीगढ़ की सुरक्षा व्यवस्था को भी और स्थिरता प्रदान करेगा। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि इन नए पदाधिकारियों के नेतृत्व में चंडीगढ़ पुलिस किस दिशा में आगे बढ़ती है और क्या नए सुधारों और नीतियों को लागू करके अपराध नियंत्रण में सफल होती है।