पटियाला जेल में राज लाली गिल का दौरा: महिला कैदियों की समस्याएँ जानने पहुँची आयोग चेयरपर्सन

पंजाब राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष, राज लाली गिल ने पंजाब में महिलाओं के नशे के बढ़ते मामलों को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने हाल ही में पटियाला के सेंट्रल जेल का दौरा करने के बाद मीडिया से चर्चा करते हुए बताया कि उनके अनुभव के अनुसार, पंजाब की जेलों में 60 से 70 प्रतिशत महिलाएं एनडीपीएस एक्ट के अंतर्गत जेल में निरुद्ध हैं, जो समाज के लिए एक बेहद गंभीर चिंता का विषय है। उनका मानना है कि यह समस्या समाज के ढांचे को कमजोर कर रही है और इसलिए इस पर ध्यान देने की आवश्यकता है।

जेल के दौरे के दौरान राज लाली गिल ने महिला कैदियों की समस्याओं पर विशेष ध्यान दिया। उन्होंने सजायाफ्ता और हिरासत में रखी गई महिलाओं से बातचीत की और उनकी समस्याओं का समाधान निकालने के लिए जेल अधीक्षक वरुण शर्मा को आवश्यक निर्देश दिए। यह सुनिश्चित करने के लिए कि जेल में बंद महिलाओं को किसी भी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े, गिल ने प्रशासन को आवश्यक कदम उठाने के लिए कहा। उन्होंने विशेष रूप से जेल मैन्युअल के अंतर्गत दी जाने वाली सुविधाओं और वहां बंद महिलाओं एवं उनके बच्चों की देखभाल की स्थिति का जायजा लिया।

इस दौरान गिल ने चिकित्सा सुविधाओं पर भी ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने जेल प्रशासन को निर्देश दिए कि महिला कैदियों को मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के लिए विशेषज्ञ डॉक्टरों की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। उनका ध्यान गायनी और स्किन विशेषज्ञों की नियुक्ति पर भी था, जिससे महिलाओं की स्वास्थ्य समस्याओं का समाधान किया जा सके। इसके अलावा, उन्होंने महिलाओं के लिए काउंसलिंग की व्यवस्था करने की आवश्यकता भी व्यक्त की।

जेल सुप्रीटेंडेंट वरुण शर्मा ने गिल को आश्वस्त किया कि सभी कैदियों को सुविधा दी जाएगी और किसी भी महिला कैदी को कोई कठिनाई नहीं होगी। उन्होंने यह भी कहा कि आयोग के निर्देशों का पालन कराने के लिए पूरी कोशिश की जाएगी। राज लाली गिल ने यह भी बताया कि जेल में कुछ महिलाएं ऐसे मामलों में पाई गई हैं, जिनका संबंध धोखाधड़ी से था। उन्होंने कहा कि कई महिलाएं ऐसी कंपनियों में काम करती थीं जो बाद में धोखाधड़ी में शामिल पाई गईं। उनका सुझाव था कि युवा वर्ग को किसी भी कंपनी में काम करने से पहले उसकी जांच कर लेनी चाहिए, ताकि वे धोखाधड़ी के शिकार न हों।

इस दौरे में राज लाली गिल के साथ डिप्टी डायरेक्टर सुमनदीप कौर और सुपरिंटेंडेंट मोहन कुमार भी उपस्थित रहे। इस पूरी प्रक्रिया में गिल ने कानूनी और सामाजिक मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करते हुए समाज में जागरूकता फैलाने की आवश्यकता को रेखांकित किया। उन्होंने आशा जताई कि इन कदमों से न केवल जेलों में बंद महिलाओं के लिए सुधार होगा, बल्कि समाज में महिलाओं के प्रति समर्पण और सुरक्षा का माहौल भी विकसित होगा।