नए कोर्ट परिसर के लिए नींदड में 100 बीघा व पीपला गांव में जमीन आरक्षित करे जेडीए-हाईकोर्ट

नए कोर्ट परिसर के लिए नींदड में 100 बीघा व पीपला गांव में जमीन आरक्षित करे जेडीए-हाईकोर्ट

जयपुर, 13 नवंबर (हि.स.)। राजस्थान हाईकोर्ट ने जयपुर शहर के नए कोर्ट परिसर के लिए जेडीए को सीकर रोड पर नींदड में 90 मीटर चौडी रोड पर सौ बीघा जमीन और रिंग रोड के पास गांव पीपला भगतसिंह में खसरा नंबर 233 और 235 को प्रारंभिक तौर पर आरक्षित करने को कहा है। इसके साथ ही अदालत ने मामले की सुनवाई 16 दिसंबर को तय की है। जस्टिस इन्द्रजीत सिंह और जस्टिस विनोद कुमार भारवानी ने यह आदेश अधिवक्ता दीन दयाल खंडेलवाल व अन्य की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए।

सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि बनीपार्क में मौजूदा कोर्ट परिसर का निर्माण वर्ष 1975 में पांच बीघा जमीन पर किया गया था। फिलहाल यहां करीब दौ सौ कोर्ट चल रहे हैं और यह जगह अत्यधिक भीडभाड वाली है। इसलिए कोर्ट परिसर के निर्माण के साथ ही न्यायिक अधिकारियों के आवास के लिए भी भूमि की जरूरत है। वर्तमान में जयपुर शहर में न्यायिक अधिकारियों के लिए केवल 80 आवास की सुविधा है। दूसरी ओर महाधिवक्ता राजेन्द्र प्रसाद ने कोर्ट के लिए वास्तविक भूमि की जरूरत के लिए विशेषज्ञ कमेटी का गठन किया जाएगा। इसके अलावा एजी ने अदालत से अजमेर रोड स्थित जेडीए की वेस्ट वे हाइट्स योजना में भूमि की उपलब्धता के संबंध में रिपोर्ट देने के लिए एक सप्ताह का समय मांगा। इस पर अदालत ने राज्य सरकार को निर्देश देते हुए मामले की सुनवाई 16 दिसंबर तक टाल दी है।

जनहित याचिका में कहा गया है कि बनीपार्क स्थित कोर्ट परिसर में जगह की कमी है और वाहनों को पार्क करने के लिए भी पर्याप्त जगह नहीं है। इसके अलावा आधारभूत सुविधाएं भी नहीं हैं। जिसके कारण न्यायिक अधिकारियों, वकीलों और पक्षकारों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है। ऐसे में भविष्य की आवश्यकताओं को देखते हुए मौजूदा कोर्ट परिसर को किसी अन्य जगह पर शिफ्ट करने की जरूरत है।

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