अमृतसर में अवैध हथियारों का अंतरराष्ट्रीय रैकेट धरा गया: 2 गिरफ्तार, विदेशी तस्करों के आदेश!
पंजाब के अमृतसर में काउंटर इंटेलिजेंस विंग ने निषेधात्मक अंतरराष्ट्रीय अवैध हथियार तस्करी की एक बड़ी कार्रवाई करते हुए दो व्यक्तियों, आदित्य कपूर उर्फ मक्खन और रविंदर सिंह को गिरफ्तार किया है। इन आरोपियों के कब्जे से चार आधुनिक हथियार, जिनमें एक पिस्टल समेत 14 जिंदा कारतूस भी शामिल हैं, बरामद किए गए हैं। पुलिस को मिली सूचना के आधार पर यह कार्यवाही की गई, जिसमें बताया गया कि दोनों आरोपी एक विस्तृत आपराधिक नेटवर्क से जुड़े हुए हैं और हथियारों की तस्करी में संलग्न हैं। पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने इस पूरी जानकारी का संज्ञान लेते हुए कहा कि आदित्य कपूर के खिलाफ पहले से ही 12 आपराधिक मामले दर्ज हैं, जो उसकी आपराधिक पृष्ठभूमि को दर्शाता है।
आरोपी आदित्य कपूर अमेरिका और पुर्तगाल में स्थित अपराधियों के संपर्क में था, और इन अपराधियों के निर्देश पर अवैध गतिविधियों में संलग्न था। इन अपराधियों में बलविंदर सिंह उर्फ डॉनी बल और प्रभदीप सिंह उर्फ प्रभ दासूवाल शामिल हैं, जो अमेरिका में स्थित हैं, और मनप्रीत सिंह उर्फ मन्नू घनश्यामपुरिया, जो पुर्तगाल में मौजूद है। स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सैल (SSOC) ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है, जिससे स्थिति की गंभीरता को समझा जा सके।
गिरफ्तारी के दौरान आरोपियों के पास से बरामद हथियारों में एक ग्लॉक पिस्तौल शामिल है, जिसे आमतौर पर संगठित अपराधियों द्वारा उपयोग किया जाता है। इसके अतिरिक्त, पांच मैगजीन और 14 जिंदा कारतूस भी जब्त किए गए हैं। यह स्पष्ट है कि ये हथियार उच्च गुणवत्ता के हैं, जो स्थानीय अपराधियों के लिए एक महत्वपूर्ण संसाधन बन सकते थे। काउंटर इंटेलिजेंस द्वारा की गई इस कार्रवाई ने इन गिरोहों के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है, जो पंजाब में संगठित तस्करी और विभिन्न आपराधिक गतिविधियों में लिप्त हैं।
आदित्य कपूर और उसके गिरोह का संबंध जग्गू भगवाणपुरिया गिरोह से होना बताया जा रहा है, जो पहले से ही पंजाब में सक्रिय है और अवैध गतिविधियों में संलग्न है। इस गिरोह का मुख्य उद्देश्य तस्करी के माध्यम से अन्य अपराधी गिरोहों तक अपनी पहुंच बढ़ाना है। आदित्य कपूर की गिरफ्तारी से यह पता चला है कि वह इस नेटवर्क में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा था, और विदेशी सरगनों के निर्देशानुसार अपनी गतिविधियों को संचालित कर रहा था।
कुल मिलाकर, यह मामला न केवल पंजाब में बढ़ती अवैध गतिविधियों की ओर इशारा करता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि पुलिस प्रशासन ऐसे गिरोहों के खिलाफ ठोस कदम उठाने में गंभीर है। कार्रवाई के इस स्तर से यह समझा जा सकता है कि कानून-व्यवस्था को बनाए रखने के लिए कानूनी एवं प्रशासनिक उपायों को सख्त किया जाना आवश्यक है।









