पंजाब उपचुनाव: कांग्रेस ने लगाया सांसद पत्नियों पर दांव, जानिए चब्बेवाल-बरनाला से उम्मीदवार!
पंजाब में होने वाले उपचुनावों के लिए कांग्रेस पार्टी ने अपने उम्मीदवारों की सूची घोषित कर दी है। इस सूची में दो सीटों को लेकर खास रणनीति अपनाई गई है, जहां पुरानी विधायक की पत्नियों को चुनावी मैदान में उतारा गया है। जबकि अन्य दो सीटों पर नए चेहरे प्रस्तुत किए गए हैं। इससे पार्टी का उद्देश्य चुनावी समीकरण को मजबूत करना प्रतीत होता है।
गिद्दड़बाहा विधानसभा क्षेत्र पर सबसे पहले ध्यान देते हैं। यहां के विधायक अमरिंदर सिंह राजावड़िंग ने लोकसभा चुनावों में जीतने के बाद अपनी विधानसभा सीट छोड़ने का निर्णय लिया। कांग्रेस ने उनकी पत्नी अमृता वड़िंग को इस उपचुनाव में लड़ने के लिए टिकट दिया है। उनकी उपस्थिति इस क्षेत्र में कांग्रेस की प्रतिष्ठा बनाने में मदद कर सकती है। वहीं, डेरा बाबा नानक सीट पर पहले से विधायक सुखजिंदर रंधावा ने सांसद बन जाने के बाद अपना पद छोड़ दिया था। इस सीट पर अब कांग्रेस ने रंधावा की पत्नी जतिंदर कौर को उम्मीदवार बनाया है। यह कदम महिला सशक्तिकरण की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण संकेत है, जिसमें पार्टी ने पारिवारिक राजनीतिक परंपरा को आगे बढ़ाने का प्रयास किया है।
बरनाला से काला ढिल्लों को मैदान में उतारा गया है, जो लंबे समय से कांग्रेस पार्टी के लिए कार्य कर रहे हैं। उन्हें पार्टी में एक प्रमुख नेता के रूप में देखा जाता है और वर्तमान में वे बरनाला के कांग्रेस अध्यक्ष हैं। काला ढिल्लों का क्षेत्र में अच्छा प्रभाव है, और उनकी पहचान पार्टी के प्रति समर्पण और मेहनत से बनी है। इससे उनकी उम्मीदवारी को स्थानीय लोगों का समर्थन मिलने की संभावना है।
चब्बेवाल विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस ने रणजीत सिंह को उम्मीदवार बनाया है। रणजीत पेशे से एक वकील हैं और जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष भी रहे हैं। उन्होंने पिछले विधानसभा चुनाव में बसपा की टिकट पर चुनाव लड़ा था, लेकिन हाल ही में उन्होंने कांग्रेस जॉइन की है। उनका कांग्रेस में शामिल होना, पार्टी के लिए एक नई ताकत के रूप में काम कर सकता है। इस तरह के उम्मीदवारों का चयन करके कांग्रेस ने यह संकेत दिया है कि वे न केवल पुराने चेहरे, बल्कि नए नेताओं को भी अपने साथ लाने के लिए तैयार हैं, जो पार्टी की स्थिति को और मजबूत कर सकते हैं।
कांग्रेस द्वारा जारी किए गए प्रेस नोट में सभी उम्मीदवारों की कड़ी मेहनत और उनके जनसंपर्क क्षमताओं की सराहना की गई है। पार्टी का लक्ष्य इन उपचुनावों में जीत हासिल करना है, ताकि पंजाब की राजनीति में अपने आधार को मजबूत किया जा सके। आगामी चुनावों में इन चार सीटों पर कांग्रेस की रणनीति और उम्मीदवारों की पसंद यह दर्शाती है कि वे चुनावी माहौल के अनुसार अपने को ढालने में तत्पर हैं।









