पंजाब के नए चीफ सेक्रेटरी ने ली कमान, कल्याणकारी योजनाओं की लोगों तक पहुंच का वादा!
पंजाब राज्य के नए मुख्य सचिव KAP सिन्हा ने आज वीरवार को अपने कार्यभार ग्रहण किया। 1992 बैच के अधिकारी KAP सिन्हा ने अपनी जिम्मेदारियों को लेकर स्पष्ट किया है कि वह सरकार द्वारा उन्हें सौंपी गई सभी जिम्मेदारियों को ईमानदारी और निष्ठा से निभाएंगे। इस अवसर पर होम सेक्रेटरी और राज्य के अन्य प्रमुख अधिकारी भी उपस्थित थे। सिन्हा ने कहा कि उनका उद्देश्य लोगों को पारदर्शी और बिना किसी अवरोध के आवश्यक सेवाएं प्रदान करना है। इसके अलावा, वह लोगों के कल्याण से जुड़ी योजनाओं को सशक्त रूप से कार्यान्वित करने का भी आश्वासन दिया।
KAP सिन्हा पंजाब के 43वें मुख्य सचिव बनाए गए हैं। इससे पहले, बुधवार को अचानक अनुराग वर्मा को इस पद से हटा दिया गया था। अनुराग वर्मा को अब राजस्व, पुनर्वास एवं आपदा प्रबंधन, कृषि एवं किसान कल्याण, बागवानी और मृदा एवं जल संरक्षण का अतिरिक्त मुख्य सचिव बनाया गया है। गौरतलब है कि मौजूदा पंजाब सरकार के कार्यकाल में ढाई साल में यह तीसरा मुख्य सचिव है।
पंजाब सरकार ने अपने 30 महीने के कार्यकाल में पहली बार सीनियर आईएएस अनिरुद्ध तिवारी को इस पद पर नियुक्त किया था। लगभग दो साल पहले 1989 बैच के LAS वीके जंजुआ को यहां की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई थी। जब उनकी सेवानिवृत्ति हुई तब अनुराग वर्मा को यह पद सौंपा गया था, जिन्होंने 1 जुलाई 2023 को चीफ सेक्रेटरी के रूप में कार्यभार संभाला था।
हाल ही में, 23 सितंबर को पंजाब सरकार ने चार मंत्रियों की छुट्टी की थी, जिससे राज्य में राजनीतिक गतिविधियों में हलचल मच गई थी। इन मंत्रियों में बलकार सिंह, चेतन सिंह जौड़ामाजरा, ब्रह्म शंकर जिम्पा और अनमोल गगन मान शामिल थे। इस राजनीतिक बदलाव के पीछे हरियाणा विधानसभा चुनावों का प्रभाव माना जा रहा है। इसके स्वाभाविक नतीजे के रूप में, सरकार ने अपने मंत्रिमंडल में 5 नए चेहरे शामिल किए हैं। इन नए मंत्रियों में मोहिंदर भगत, हरदीप सिंह मुंडिया, बरिंदर कुमार गोयल, तरुणप्रीत सिंह और डॉ. रवजोत सिंह का नाम शामिल है।
इन सभी परिवर्तनों को ध्यान में रखते हुए, KAP सिन्हा के लिए यह एक चुनौतीपूर्ण समय है जहां उन्हें न केवल अपने कार्य का निर्वहन करना है बल्कि सरकार की राजनीतिक स्थिति को भी संभालना होगा। उनकी नियुक्ति के साथ ही राज्य की प्रशासनिक संरचना में एक नई दिशा और ऊर्जा का संचार होने की उम्मीद है, जिससे राज्य के विकास में तेजी आएगी।









