मोहाली में राज्य स्तरीय रैली: पेंशनर्स सरकार की घेरेबंदी करेंगे, पावरकॉम निजीकरण रोकने की मांग!

जगराओं के दाखा मंडल कार्यालय में पावरकॉम पेंशनर्स एसोसिएशन की एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें जगतार सिंह सेखुपुरा ने अध्यक्षता की। इस बैठक में डिवीजन सचिव दरबारा सिंह बिरमी ने बताएं कि ज्वाइंट फ्रंट पेंशनर्स एसोसिएशन के माध्यम से पंजाब सरकार को पेंशनरों की मांगों से संबंधित एक मांग पत्र प्रेषित किया गया था, जो डीसी लुधियाना के माध्यम से भेजा गया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इस विषय पर लगातार गुमराह कर रही है। बैठक में एसोसिएशन ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि सरकार उनके मुद्दों को नजरअंदाज करती रही, तो वे आगामी चुनावों में आम आदमी पार्टी को घेरने का काम करेंगी।

एसोसिएशन ने पेंशनरों की प्रमुख मांगों को उठाया, जिसमें पहली मांग यह थी कि 1 जनवरी 2016 से पहले सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों की पेंशन को 2.59 के फार्मूले के आधार पर तय किया जाए। इसके अलावा, छठे वेतन आयोग की सिफारिशों को उन कर्मचारियों पर भी लागू किया जाना चाहिए, जो बाद में सेवानिवृत्त हुए हैं। बैठक में यह भी मांग उठाई गई कि 1 जनवरी 2016 से 30 जून 2021 तक के बकाया महंगाई भत्ते का भुगतान शीघ्र किया जाए।

चिकित्सा भत्ते में वृद्धि की मांग की गई, जिसमें कहा गया कि यह एक हजार से बढ़ाकर दो हजार रुपए प्रति माह किया जाए। एसोसिएशन ने यह भी मांग की कि पेंशनभोगियों की बिजली की खपत को मुफ्त किया जाए। इसके साथ ही, पावरकॉम के निजीकरण पर रोक लगाने, स्थायी भर्ती करने और पुरानी पेंशन व्यवस्था को पुनः स्थापित करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया। कच्चे और ठेका कर्मचारियों को स्थायी करने पर भी विचार किया गया। एसोसिएशन ने कर्मचारी संघर्षों को दबाने के लिए एस्मा के प्रयोग को नकारात्मक बताते हुए इसे समाप्त करने की मांग की।

इसी संदर्भ में, 22 अक्टूबर को मोहाली में आयोजित होने वाली राज्य स्तरीय रैली में दाखा मंडल से बड़ी संख्या में सेवानिवृत्त कर्मचारी भाग लेने की योजना बना रहे हैं। इस रैली की तैयारी को लेकर एसोसिएशन ने 18 अक्टूबर को सुबह 10 बजे मंडल कार्यालय में एक आम बैठक बुलाई है। बैठक में उपस्थित वरिष्ठ नेताओं में कंवलजीत खन्ना, गुरमेल सिंह ढट्ट, पाल सिंह और गुरदीप सिंह मान शामिल थे। इन सभी ने एकजुटता से पेंशनरों के अधिकारों की रक्षा करने का संकल्प लिया और सरकार से उनकी जायज मांगों पर कार्रवाई करने का आग्रह किया।

यह बैठक पेंशनरों के मुद्दों को उठाने और सरकार पर दबाव बनाने का एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि पेंशनर्स एसोसिएशन अपने सदस्यों के हितों के लिए संघर्ष करने के लिए तत्पर है।