पंजाब उपचुनाव: 2 सीटों पर AAP का पलड़ा भारी, कांग्रेस-आजाद कैंडिडेट की कांटे की टक्कर!
पंजाब में चार विधानसभा सीटों पर उप-चुनाव का आयोजन होने जा रहा है, जिसका असर आगामी लोकसभा चुनावों पर भी पड़ सकता है। पार्टियां लंबे समय से इस चुनाव की तैयारी में जुटी हुई हैं और संभावना है कि दिवाली के बाद चुनावी माहौल और गर्माएगा। इन चार सीटों में डेरा बाबा नानक, बरनाला, गिद्दड़बाहा और चब्बेवाल शामिल हैं। यदि यहां के मतदाता लोकसभा चुनावों के परिणामों के आधार पर मतदान करते हैं, तो चुनावी नतीजे बेहद रोचक हो सकते हैं।
विश्लेषण करें तो वर्तमान में इन चारों सीटों में से तीन सीटें कांग्रेस के पास हैं, जबकि एक सीट पर आम आदमी पार्टी का कब्जा है। हालांकि, पिछले लोकसभा चुनावों में आम आदमी पार्टी ने दो सीटों पर काफी मजबूती दिखाई थी और एक सीट पर कांग्रेस के साथ कांटे की टक्कर चल रही थी। इसके अलावा, एक सीट पर आजाद उम्मीदवार ने जीत दर्ज की थी। अब, अकाली दल के चुनाव में न उतरने से उनके समर्थन की दिशा में परिवर्तन संभव है, जो चुनावी नतीजों को प्रभावित कर सकता है। भाजपा के उम्मीदवार भी पूर्व अकाली दल के सदस्यों में से हैं, जिसका लाभ भाजपा को मिल सकता है।
डेरा बाबा नानक सीट की बात करें, तो यह गुरदासपुर क्षेत्र में आती है। यहां के पिछले लोकसभा चुनावों में कांग्रेस के सुखजिंदर सिंह रंधावा ने जीत हासिल की थी, लेकिन आम आदमी पार्टी ने करीब 3940 वोटों के अंतर से चुनौती पेश की। इस सीट पर हरजिंदर सिंह रंधावा और अकाली दल के डॉ. दलजीत सिंह चीमा ने भी महत्वपूर्ण वोट हासिल किए हैं, जिससे यह साफ है कि आम आदमी पार्टी कांग्रेस को कड़ी टक्कर दे रही है।
चब्बेवाल सीट होशियारपुर में स्थित है, जहां आम आदमी पार्टी के डॉ. राज कुमार ने 26771 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की थी। इस चुनाव में कांग्रेस की यामीनी गौतम दूसरे नंबर पर रहीं और भाजपा की अनीता सोम प्रकाश को भी कम वोट मिले। चब्बेवाल में डॉ. इशांक कुमार भी चुनावी मैदान में उतर रहे हैं, जो अपने पिता की विरासत को आगे बढ़ाने का प्रयास करेंगे।
गिद्दड़बाहा सीट फरीदकोट जिले में आती है, जहां पिछले चुनाव में आजाद उम्मीदवार सर्बजीत सिंह खालसा ने जीत हासिल की थी। इस सीट पर सिर्फ 12113 वोटों के अंतर से जीत हुई थी, जिससे यह पता चलता है कि यहां का चुनाव बेहद रोचक रहेगा। अब, आम आदमी पार्टी, कांग्रेस और भाजपा के बीच कड़ी टक्कर की संभावना है, खासकर जब अकाली दल ने यहां से अपना उम्मीदवार न उतारने का निर्णय लिया है।
चुनाव की चौथी सीट बरनाला में आम आदमी पार्टी 15513 वोटों से आगे रही थी। यहां के पूर्व विधायक और मंत्री गुरमीत सिंह मीत हेयर का प्रभाव भी चुनाव पर पड़ेगा। इस सीट के लिए विभिन्न पार्टियों के बीच प्रतिस्पर्धा काफी रोमांचक होगी और परिणामों पर व्यापक प्रभाव डालने वाला हो सकता है। इन चार सीटों के उप-चुनाव न केवल पार्टीयों के लिए महत्वपूर्ण हैं, बल्कि राज्य की राजनीतिक दिशा भी निश्चित कर सकते हैं।









