दंतेवाड़ा : मोतियाबिंद ऑपरेशन में गड़बड़ी के बाद सरकार सख्त, ब्लॉक स्तर पर उतारी गई निगरानी टीम 

दंतेवाड़ा : मोतियाबिंद ऑपरेशन में गड़बड़ी के बाद सरकार सख्त, ब्लॉक स्तर पर उतारी गई निगरानी टीम 

दंतेवाड़ा, 29 अक्टूबर (हि.स.)। जिला अस्पताल में मोतियाबिंद ऑपरेशन में हुई लापरवाही के बाद अब सरकार सतर्क हो गई है, इसके लिए ब्लॉक स्तर पर स्वास्थ्य विभाग की टीम बना दी गई है जो गांव-गांव घूमकर मोतियाबिंद मरीजों से मिल रही है।

मोतियाबिंद के ऑपरेशन के लिये बस्तर से सटे ओडिशा राज्य के मलकानगिरी जिले के पोडिया के 69 एमपीवी से एक मरीज सरिता हलधर दंतेवाड़ा पहुंची थी। ऑपरेशन के बाद उन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया था, लेकिन इस घटना के बाद मरीज तक पहुंचने के लिए स्वास्थ्य अमला कोंटा के रास्ते से शबरी नदी को पार कर 40 किलोमीटर दूर सरिता हलधर के घर तक रिपोर्ट लेने पहुंचा। हालांकि उसकी आंखों में कोई दिक्कत नहीं मिली।

इस मामले में अब तक नेत्र सर्जन सहित तीन कर्मचारी काे निलंबित और दो कर्मचारियों की सेवा समाप्ति कर दी गयी है। सरकार ने कहा है कि दोषियों को बख्शा नही जाएगा, यह मानवीय त्रुटि नही क्राइम है। बता दें कि मोतियाबिंद ऑपरेशन के बाद कई मरीजों की आंखों में संक्रमण फैल गया, वहीं कई लोगों को दिखना तक बंद हो गया। अब किसी भी मरीज पर हल्के से संक्रमण के लक्षण दिखते ही स्वास्थ्य अमला मरीजों को सीधे रायपुर रेफर कर रहे हैं। पहले 10 मरीज रायपुर मेकाहारा पहुंचे थे, वहीं अब इनकी संख्या बढ़कर 17 पहुंच गई है।

मुख्य स्वास्थ्य चिकित्सा अधिकारी अजय रामटेके ने बताया कि, उदेला ग्राम की एक महिला पोदीये को मेकाहारा भेजा गया। उन्होंने बताया कि ऑपरेशन के बाद पोदीये की आंख से आंसू बह रहा है, उन्होंने यह भी बताया कि कुल 39 मरीजो की आंखों में मोतियाबिंद का ऑपरेशन हुआ था, जिनमे से 17 को मरीजों को रायपुर भेजा गया है, शेष 22 मरीजों की देख-रेख के लिये स्वास्थ्य विभाग की ब्लॉक स्तर पर टीमें बना दी गई है। यह टीम ग्राम उदेला, पालनार, मोलसनार, मसेनार, बींजाम, छिंदनार, डेंगलरास गांवों में मोतियाबिंद के मरीजो से मिल रही है, साथ ही ये टीम जिनके ऑपरेशन हुए हैं, उनकी जांच के बाद रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को दे रहे हैं। उन्हाेने बताया कि आखिर वायरस कहां से ओटी में पनपा इसकी जांच हो रही है, इसके अलावा ओटी रूम की एसी, टेबल, मेडिकल ट्रॉली और उपकरण की कल्चर रिपोर्ट और छत के सैम्पल भी भेजे गए हैं। इसकी रिपोर्ट आने पर ही पता चलेगा कि आखिर बैक्टीरिया कहां से फैला।

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