अबोहर में सड़क पर शव, AAP नेताओं पर धमकी का आरोप; प्रदर्शन से मचा हंगामा!

अबोहर के रुकनपुरा खुईखेडा गांव निवासी सदालाल की हाल ही में मृत्यु हो गई, जिसके मामले ने इलाके में काफी हंगामा मचा दिया है। जानकारी के अनुसार, सदालाल ने कुछ समय पहले आम आदमी पार्टी के नेताओं पंकज नरूला और अरविंद शेरा, साथ ही बिजली बोर्ड के एसडीओ बलदेव सिंह के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने कहा था कि ये लोग उन्हें और उनके परिवार को लगातार धमकी दे रहे थे, जिसके कारण उन्होंने आत्मदाह का कदम उठाया। सदालाल की मृत्यु के बाद, उनके परिजनों ने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर अबोहर में जोरदार प्रदर्शन किया।

रविवार को सदालाल का शव फरीदकोट से लाकर आलमगढ़ बाईपास पर रखा गया। प्रदर्शन के दौरान मृतक के परिवार समेत बड़ी संख्या में गांव के लोग भी शामिल हुए। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर शव रखकर जोरदार नारेबाजी की, जिससे यातायात भी प्रभावित हुआ। मृतक के भाई ओम प्रकाश ने कहा कि जब तक पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर लेती, उनका धरना जारी रहेगा। उन्होंने पुलिस की लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि मामले के दर्ज होने के बावजूद आरोपी फरार हो गए हैं।

सदालाल ने अपने बयान में स्पष्ट रूप से कहा था कि अगर उनकी जान को कोई खतरा होता है या उनके परिवार को कुछ होता है, तो इसके लिए आरोपी ही जिम्मेदार होंगे। उनकी इस चिंता ने यह साबित कर दिया कि उन्हें कितनी गंभीरता से खतरे का एहसास था। अब जब उनकी मृत्यु हो गई, तो पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। डिप्टी एसपी सुखविंद्र सिंह ने बताया कि पुलिस ने आरोपी नेताओं और अन्य व्यक्तियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है और उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी शुरू कर दी गई है।

इस पूरी कार्रवाई के बीच, इलाके में असामाजिक तत्वों के खिलाफ एक माहौल बना हुआ है। आरोपी लोग अपने-अपने घरों से फरार हो चुके हैं, और पुलिस उनकी तलाश में जुटी हुई है। प्रदर्शन के चलते इलाके में पुलिस बल की तैनाती भी बढ़ा दी गई है ताकि स्थिति को नियंत्रित किया जा सके। परिजनों की मांग है कि जब तक आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया जाता, तब तक उनकी आवाज उठती रहेगी। इस मामले ने स्थानीय प्रशासन और कानून व्यवस्था की धज्जियां उड़ाने का एक गंभीर संकेत दिया है, जिसके लिए स्थायी समाधान की आवश्यकता है।

इस घटनाक्रम ने ना केवल सदालाल के परिवार को प्रभावित किया है बल्कि समाज में एक चर्चा का विषय भी बन गया है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि स्थानीय प्रशासन और पुलिस क्या ठोस कदम उठाते हैं ताकि ऐसे मामलों को भविष्य में रोका जा सके और न्याय प्रदान किया जा सके।