संविधान की प्रस्तावना में लिखे शब्दों का अर्थ स्पष्ट करने की मांग पर सुप्रीम कोर्ट का सुनवाई करने से इनकार
संविधान की प्रस्तावना में लिखे शब्दों का अर्थ स्पष्ट करने की मांग पर सुप्रीम कोर्ट का सुनवाई करने से इनकार
नई दिल्ली, 14 अगस्त (हि.स.)। सुप्रीम कोर्ट ने संविधान की प्रस्तावना में लिखे शब्दों का अर्थ स्पष्ट करने की मांग पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया है। जस्टिस संजीव खन्ना की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा कि यह हमारा काम नहीं है। आप खुद अर्थ समझिए।
याचिकाकर्ता का कहना था कि प्रस्तावना में कई शब्द हैं, जिनकी परिभाषा साफ नहीं है जैसे उसे ‘बंधुत्व’ शब्द का वास्तविक अर्थ समझ नहीं आता। याचिकाकर्ता शिवम मिश्रा ने दलील दी थी कि वह भाईचारा जैसे शब्दों का अर्थ नहीं समझते और यदि उन्हें राहत नहीं दी गई तो उन्हें दुख होगा। कोर्ट ने कहा कि वह याचिकाकर्ता की दलील को समझ नहीं पा रहे हैं।
हिन्दुस्थान समाचार/संजय









