भारतीय जूडो खिलाड़ी जापान में ले रहे प्रशिक्षण, साई की पहल पर दो अक्टूबर तक चलेगा कार्यक्रम
नई दिल्ली, 17 सितंबर । भारतीय पुरुष और महिला जूडो टीम के खिलाड़ियों को 2026 के एशियाई खेलों और विश्व जूडो चैंपियनशिप की तैयारियों के लिए जापान में अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षण का अवसर मिला है। भारतीय खेल प्राधिकरण (साईं) की पहल के तहत जापान की त्सुकुबा यूनिवर्सिटी में यह प्रशिक्षण कार्यक्रम दो अक्टूबर तक चलेगा। दल में 11 जूडो खिलाड़ी शामिल हैं, जिनमें एक पुरुष और 10 महिला खिलाड़ी हैं। इनके अलावा तीन कोच भी दल का हिस्सा हैं।
11 खिलाड़ियों में से तीन खिलाड़ी एशियाई खेलों की भारतीय टीम में शामिल हैं। इनमें महिला 48 किलोग्राम वर्ग की अस्मिता डे, 57 किलोग्राम वर्ग की यामिनी मौर्य और 70 किलोग्राम वर्ग की तखेल्लंबम इनुंगनबी शामिल हैं। अस्मिता 30 सितंबर को मुकाबले में उतरेंगी, जबकि यामिनी और इनुंगनबी एक अक्टूबर को नागोया के आइची इंटरनेशनल एरीना में मैट पर उतरेंगी।
जापान में यह विदेशी प्रशिक्षण शिविर अंतरराष्ट्रीय कैलेंडर के बेहद महत्वपूर्ण चरण में आयोजित किया जा रहा है। आइची-नागोया एशियाई खेलों के तुरंत बाद चार से 11 अक्टूबर तक बाकू में विश्व जूडो चैंपियनशिप का आयोजन होना है। बाकू प्रतियोगिता में भारत के कुल 10 जुडो खिलाड़ी हिस्सा लेंगे, जिनमें एक पुरुष और नौ महिला खिलाड़ी शामिल हैं।
त्सुकुबा यूनिवर्सिटी में प्रशिक्षण ले रहे भारतीय दल में पुरुष वर्ग में 60 किलोग्राम भारवर्ग के हर्ष सिंह शामिल हैं। महिला खिलाड़ियों में राष्ट्रमंडल खेल 2026 की स्वर्ण पदक विजेता 48 किलोग्राम वर्ग की अस्मिता डे, 52 किलोग्राम वर्ग की श्रद्धा के. चोपड़े और एल. नुंगशिथोई चानू, 57 किलोग्राम वर्ग की यामिनी मौर्य, 63 किलोग्राम वर्ग की लिंथोई चनंबम, उन्नति शर्मा और हिमांशी टोकस, 70 किलोग्राम वर्ग की तखेल्लंबम इनुंगनबी और के.एच. ताइबांगनबी तथा 78 किलोग्राम वर्ग की इशरूप नरंग शामिल हैं। दल के कोचिंग स्टाफ में जीवन कुमार शर्मा, बिरेंद्र सिंह और राजविंदर कौर शामिल हैं।
यह विदेशी प्रशिक्षण कार्यक्रम युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय की राष्ट्रीय खेल महासंघों को सहायता योजना के तहत स्वीकृत किया गया है। विदेशी प्रशिक्षण और अन्य व्यवस्थाओं के समन्वय की जिम्मेदारी भारतीय जूडो महासंघ की है। जापान में आयोजित यह शिविर एशियाई खेलों की तैयारी कर रहे भारतीय खिलाड़ियों को भारतीय खेल प्राधिकरण की ओर से दिए जा रहे व्यापक सहयोग का हिस्सा है। मेजबान देश में प्रशिक्षण लेने से भारतीय जूडो खिलाड़ियों को प्रतियोगिता से पहले जापान की परिस्थितियों के अनुकूल ढलने के साथ-साथ उच्च स्तर की तैयारी का अवसर भी मिलेगा।









