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हिमाचल में बर्फबारी, लाहौल स्पीति में दो महिला श्रद्धालुओं की मौत

शिमला, 17 सितंबर । हिमाचल प्रदेश में बीती रात से कई हिस्सों में बारिश और ऊंचे पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी से मौसम ने करवट ली है। शिमला में गुरुवार सुबह गरज के साथ तेज बारिश और हवाएं चलीं, जबकि रोहतांग और मणिमहेश सहित लाहौल के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हिमपात हुआ। इस बीच जनजातीय जिलाबल लाहौल-स्पीति में पवित्र ड्रिलबुरी पर्वत की परिक्रमा के दौरान बर्फबारी और फिसलन के बीच दो महिला श्रद्धालुओं की मौत हो गई।

ड्रिलबुरी परिक्रमा में दो महिलाओं की मौत

लाहौल घाटी के गरशा क्षेत्र में करीब पांच हजार मीटर की ऊंचाई पर स्थित ड्रिलबुरी पर्वत की गुरुवार को महापरिक्रमा का आयोजन किया गया था। भारी बर्फबारी, ठंड और फिसलन के बीच परिक्रमा कर रहे श्रद्धालुओं को मुश्किलों का सामना करना पड़ा। इस दौरान दो महिला श्रद्धालुओं की मौत हो गई। एक महिला केलांग और दूसरी दार्जिलिंग की रहने वाली बताई जा रही है। बर्फ पर फिसलने, ऊंचाई से जुड़ी परेशानी और अत्यधिक ठंड के कारण कई श्रद्धालु घायल हुए हैं। इनमें बुजुर्ग और बच्चे भी शामिल हैं। घायलों को क्षेत्रीय अस्पताल केलांग लाया गया है।

पुलिस उप अधीक्षक हेडक्वॉर्टर केडी शर्मा ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि दो महिलाओं की मौत हुई है और दोनों शवों का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। पोस्टमार्टम के बाद मौत के वास्तविक कारण अधिक स्पष्ट होंगे। इस परिक्रमा में करीब ढाई हजार श्रद्धालुओं के शामिल होने की जानकारी सामने आई है।

नयनादेवी में 86.8 मिलीमीटर बारिश, मणिमहेश में चार इंच हिमपात

प्रदेश में बीते 24 घंटों के दौरान बिलासपुर के नयनादेवी में सबसे अधिक 86.8 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। मुरारी देवी में 50.6, स्लैपर में 48.1, मलरांव में 48, घाघस में 40.2, बरठीं में 38.6 और सुंदरनगर में 37.1 मिलीमीटर बारिश हुई। शिमला में सुबह तेज बारिश के बाद दिन में मौसम खुल गया, जिससे लोगों को राहत मिली, हालांकि पहाड़ी क्षेत्रों में ठंड बढ़ गई। चंबा के मणिमहेश में करीब चार इंच और गोरीकुंड में करीब तीन इंच हिमपात हुआ। रोहतांग दर्रे और लाहौल की ऊंची चोटियों पर भी बर्फबारी दर्ज की गई।

सुबह 567 ट्रांसफार्मर और 63 सड़कें बंद, शाम तक 31 ट्रांसफार्मर बचे

राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार बारिश और तेज हवाओं के कारण सुबह प्रदेश में 567 बिजली ट्रांसफार्मर और 63 सड़कें बंद थीं। सिरमौर में 341, ऊना के हरोली में 110 और मंडी में 100 ट्रांसफार्मर प्रभावित हुए। मंडी में 34, कांगड़ा में 10 और कुल्लू में नौ सड़कें बंद थीं। दिन में मौसम खुलने के बाद बहाली का काम तेजी से किया गया। शाम तक केवल 31 ट्रांसफार्मर बंद रह गए थे, जिनमें सिरमौर के राजगढ़ में 30 और शिमला के रामपुर में एक ट्रांसफार्मर शामिल था।

19 तक बारिश के आसार, इसके बाद कमजोर होगा मानसून

मौसम विभाग के अनुसार 18 और 19 सितम्बर को मैदानी और मध्यवर्ती क्षेत्रों में गरज-चमक, आसमानी बिजली कड़कने और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चलने की चेतावनी है। 19 सितम्बर तक पूरे प्रदेश में मौसम खराब रहने और बारिश के आसार हैं। 20 और 21 सितम्बर को उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम साफ रहेगा, जबकि अन्य क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इसके बाद मानसून कमजोर होने की संभावना है। 22 और 23 सितम्बर को मैदानी और उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम साफ रहेगा, जबकि मध्यवर्ती क्षेत्रों में हल्की बारिश हो सकती है।

मानसून से 3,212 करोड़ का नुकसान, 319 लोगों की मौत

राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार 30 जून से अब तक मानसून और इससे जुड़ी घटनाओं से प्रदेश में करीब 3,212 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। लोक निर्माण विभाग को सड़कों और पुलों के नुकसान से करीब 2,744 करोड़ रुपये की क्षति हुई है। इस दौरान 319 लोगों की मौत हुई है, 544 घायल हुए हैं और चार लोग लापता हैं। 134 मकान, 17 दुकानें और 482 पशुशालाएं पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुई हैं, जबकि 512 मकानों को आंशिक नुकसान हुआ है। प्रदेश में अब तक मानसूनी बारिश सामान्य से करीब 11 प्रतिशत कम रही है।